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किसान विरोधी कृषि बिल वापस ले केंद्र सरकार - प्रीति शर्मा मेनन

पुलिस प्रतिबंध की परवाह न करते हुए आम आदमी पार्टी ने निकाली विशाल बाइक रैली

किसान विरोधी कृषि बिल वापस ले केंद्र सरकार -   प्रीति शर्मा मेनन
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केंद्र सरकार ने लोकसभा (Loksabha) और राज्यसभा(Rajyasabha) में तीन किसान बिल पास किये है।खासकर राज्यसभा में भाजपा के पास बहुमत नहीं होने के बावजूद असंवैधानिक तरीके से किसान विरोधी बिल पास किया गया, जिसको लेकर पूरे देश के किसानों में गुस्सा है । किसानों के आक्रोश को व्यक्त करने के लिए आज मुंबई में चकाला से शिवाजी पार्क तक बाइक रैली का आयोजन किया गया ।

आप पार्टी ने किया विरोध

रैली की खबर पर मुंबई पुलिस ने चकाला , अंधेरी (पूर्व) स्थित पार्टी कार्यालय को घेर लिया और बैनर पोस्टर जब्त कर लिए। मुंबई प्रभारी प्रीति शर्मा मेनन के अनुरोध पर भी मुंबई पुलिस ने रैली का सामान नहीं दिया। इसके बावजूद कार्यकर्ताओं का उत्साह कम नहीं हुआ और उन्होंने रैली निकाली। पहले बांद्रा और फिर महापौर आवास के पास पुलिस ने रोका। पुलिस के अनुरोध पर आखिर रैली को शिवाजी पार्क में समाप्त कर दिया गया। शिवाजी पार्क में मुंबई प्रभारी प्रीति शर्मा मेनन सहित राज्य पार्टी के सचिव धनंजय शिंदे, सुमित्रा श्रीवास्तव ने पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया और आभार जताया कि पुलिस की रोकटोक तथा कामकाज का दिन होते हुए भी बरसात के बीच उनका मनोबल कम नहीं हुआ। पूरे रास्ते पार्टी कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार की किसान विरोधी नीति का जमकर विरोध किया। किसानों द्वारा 25 सितम्बर के भारत बंद को भी आम आदमी पार्टी ने अपना पूरा समर्थन दिया है ।

इस अवसर पर पार्टी प्रवक्ता प्रीति शर्मा मेनन ने कहा , "केंद्र ने जो कानून बनाया है, वह पूरी तरह से किसान विरोधी है । इससे किसान अपने खेतों का मालिक न होकर कारपोरेट घरानों के हाथ में अपनी जमीन गिरवी रखने को मजबूर कर दिया जाएगा और वह अपने ही खेतों में मजदूर की हैसियत में पहुंच जाएगा। यह पूरी तरह से हमारे देश के मेहनतकश और स्वाभिमानी किसानों को और गरीब करने वाला षड्यंत्र है और अन्याय कारी है। इससे केवल बड़े उद्योगपतियों का ही फायदा होगा । इसका नुकसान केवल किसान ही नहीं ,बल्कि आम उपभोक्ताओं को भी उठाना पड़ेगा। कालाबाजारी बढ़ेगी और बड़े उद्योगपति मनमानी कीमत वसूलेंगे। कृषि उत्पादों की कीमत बढ़ेगी , जिसका असर यह होगा कि आम जनता को भी महंगी कीमत पर खाद्य पदार्थ और कृषि उत्पाद खरीदने पर मजबूर होना पड़ेगा। इसलिए हमारी मांग है कि इस काले कानून को वापस लिया जाए । पूरा देश इस समय भारतीय जनता पार्टी सरकार के इस काले कानून के विरोध में कमर कस कर खड़ा है।"

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