मुंबई (Mumbai) BMC के परेल में KEM हॉस्पिटल में एक लेटेस्ट 3D डिजिटल टोमोसिंथेसिस मैमोग्राफी मशीन उपलब्ध कराई गई है। इससे ब्रेस्ट कैंसर का जल्दी पता लगाना और इलाज संभव हो पाया है।KEM की डीन डॉ. संगीता रावत ने बताया कि यह मशीन ICICI फाउंडेशन के डोनेशन से KEM हॉस्पिटल में उपलब्ध कराई गई है।(3D Mammography Machine Commissioned at KEM)
यह मशीन टाटा हॉस्पिटल के अलावा कहीं और उपलब्ध नहीं
डॉ. रावत ने कहा कि यह मशीन टाटा हॉस्पिटल के अलावा कहीं और उपलब्ध नहीं है।पिछले कुछ सालों में ब्रेस्ट कैंसर के मामले बढ़े हैं। ब्रेस्ट कैंसर का समय पर पता लगाना और इलाज करना ज़रूरी है।चूंकि यह पता ब्रेस्ट कैंसर के शुरुआती स्टेज में ही संभव है, इसलिए समय पर इलाज संभव हो पाया है। अगर पहले स्टेज में पता चल जाए, तो कैंसर पर पूरी तरह से काबू पाया जा सकेगा।
डॉ. रावत ने भरोसा जताया कि यह सभी मरीज़ों के लिए वरदान साबित होगा। एक्स-रे डिपार्टमेंट की हेड डॉ. हेमांगिनी ठक्कर के मुताबिक, 40 साल की उम्र के बाद हर महिला को साल में कम से कम एक बार चेकअप करवाना ज़रूरी है।
साल की उम्र के बाद हर साल यह चेकअप ज़रूर करवाना ज़रूरी
जिनके परिवार में ब्रेस्ट कैंसर की हिस्ट्री रही है। इसके लिए 35 साल की उम्र के बाद हर साल यह चेकअप ज़रूर करवाना ज़रूरी है।उन्होंने इस बारे में गाइडेंस और कीमती सपोर्ट देने के लिए KEM हॉस्पिटल की डीन डॉ. संगीता रावत का दिल से शुक्रिया अदा किया।
ब्रेस्ट का इलाज 5 मिनट में किया जा सकता है। इससे रेडिएशन एक्सपोजर 30 परसेंट कम हो जाता है और डायग्नोसिस के दौरान मरीज़ को कम तकलीफ होती है।यह मशीन कम उम्र की महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर का असरदार तरीके से डायग्नोसिस कर सकती है। इसके लिए MRI की ज़रूरत नहीं होगी। इससे समय और खर्च बचेगा।
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