बोरीवली रेलवे स्टेशन को अब स्मार्ट स्टेशन के तौर पर डेवलप किया जा रहा है। वेस्टर्न रेलवे यहां शहर का सबसे बड़ा इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग सिग्नलिंग सिस्टम लगा रहा है।इस नए सिस्टम से लोकल ट्रेनों का आना-जाना आसान हो जाएगा। शेड्यूल मैनेज करना और पीक आवर्स में भीड़ को कंट्रोल करना आसान हो जाएगा।(Borivali station will become a smart station)
पांचवें और छठे ट्रैक को बनाने का काम शुरू
अभी वेस्टर्न रेलवे पर कांदिवली और बोरीवली के बीच पांचवें और छठे ट्रैक को बनाने का काम चल रहा है। इस प्रोजेक्ट के तहत बोरीवली रेलवे स्टेशन की सिग्नलिंग को पूरी तरह से मॉडर्न बनाया जा रहा है।अभी तक लोकल ट्रैफिक के लिए पुराना रिले-बेस्ड सिग्नलिंग सिस्टम इस्तेमाल होता था, जो कई दशकों से चल रहा था। अब इसकी जगह स्टेट-ऑफ-द-आर्ट इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग सिस्टम लगाया गया है।
381 रेलवे लाइनों को एक ही सिस्टम के तहत लाया गया
इस सिस्टम के तहत कुल 381 रेलवे लाइनों को एक ही सिस्टम के तहत लाया गया है। इसमें 56 सिग्नल को डिजिटली मैनेज किया जा रहा है।सुरक्षित ट्रांसपोर्टेशन के लिए 90 ट्रैक पॉइंट यानी स्विच को इलेक्ट्रॉनिक कंट्रोल में रखा गया है। साथ ही, ट्रेनों का स्टेटस चेक करने के लिए 123 ट्रैक सर्किट लगाए गए हैं, और सभी सात ट्रैक को एक कंट्रोल सिस्टम से जोड़ा गया है।
स्टेट-ऑफ-द-आर्ट सिग्नलिंग कंट्रोल रूम
इसके लिए बोरीवली रेलवे स्टेशन पर एक स्टेट-ऑफ-द-आर्ट सिग्नलिंग कंट्रोल रूम बनाया गया है। इस कमरे में दो 65-इंच 8K डिजिटल स्क्रीन लगाई गई हैं। इस पर ट्रेनों की मूवमेंट रियल टाइम में दिखाई देती है।इससे कंट्रोलर टेक्निकल खराबी, इमरजेंसी या रश आवर में तेज़ी से और सही फैसले ले पाएंगे।
बोरीवली का यह नया सिग्नलिंग सिस्टम 2026 की शुरुआत तक पूरी तरह से चालू हो जाएगा, और यह मुंबई सबअर्बन रेलवे सिस्टम का सबसे बड़ा और सबसे एडवांस्ड सिस्टम होगा।
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