मुंबई में 20 हॉटस्पॉट पर बिना इजाज़त के फेरीवालों के खिलाफ़ कार्रवाई की गई

मुंबई में फुटपाथ और मुख्य सड़कों को अतिक्रमण से मुक्त रखने के लिए, बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (BMC) ने 20 हॉटस्पॉट की पहचान की है और वहां बिना इजाज़त के फेरीवालों के खिलाफ एक खास ड्राइव शुरू की है। इस ड्राइव में रोज़ाना हटाने के ऑपरेशन, पुलिस की मदद से जॉइंट एनफोर्समेंट और टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करने पर फोकस होगा।(Mumbai civic body targets 20 hawker hotspots, plans QR codes for licensed vendors)

20 हॉटस्पॉट चुने गए

BMC के मुताबिक, 20 हॉटस्पॉट चुने गए हैं जहां पैदल चलने वालों की आवाजाही ज़्यादा है, बड़ी संख्या में बिना इजाज़त के फेरीवाले हैं और लाइसेंस वाले वेंडर कम हैं। इनमें साउथ मुंबई में CSMT एरिया, चर्चगेट, हाई कोर्ट एरिया, साथ ही दादर, बांद्रा, अंधेरी, मलाड, चेंबूर, मुलुंड जैसे उपनगरों के मुख्य स्टेशन एरिया शामिल हैं।

दो शिफ्ट में कार्रवाई

इस ड्राइव के तहत, दो शिफ्ट में कार्रवाई की जाएगी - सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक और दोपहर 3 बजे से रात 11 बजे तक। म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन और मुंबई पुलिस की जॉइंट टीमें रेगुलर हटाने का ऑपरेशन करेंगी, जबकि लाइसेंस वाले फेरीवालों पर नज़र रखने के लिए एक QR कोड सिस्टम लागू किया जाएगा।

अधिकारियों के मुताबिक, अप्रैल के आखिर तक सभी लाइसेंस वाले हॉकरों को QR कोड दे दिए जाएंगे। इसके बाद उनकी पहचान करना आसान हो जाएगा और लाइसेंस का गलत इस्तेमाल रोका जा सकेगा। अभी शहर में करीब 12,567 लाइसेंस वाले हॉकर हैं, जिनमें से करीब 10,500 को QR कोड देने का प्रोसेस चल रहा है।

हॉकिंग और नॉन-हॉकिंग जोन तय किए जाएंगे

मेयर रितु तावड़े ने कहा कि शहर में साफ हॉकिंग और नॉन-हॉकिंग जोन तय किए जाएंगे। इन जोन में नोटिस बोर्ड लगाए जाएंगे और लाइसेंस वाले हॉकरों के लिए खास जगह भी दी जाएगी।इस बीच, टाउन वेंडिंग कमेटी की सिफारिशों के मुताबिक, अगले एक साल में करीब 22 हजार एप्लीकेंट हॉकरों को ऑफिशियल जगह देने का प्लान है।

हालांकि नगर निगम की इस नई पॉलिसी से एक तरफ फुटपाथ फ्री रखने की कोशिश हो रही है, वहीं दूसरी तरफ हॉकरों के रिहैबिलिटेशन का मुद्दा भी उतना ही अहम होगा।

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