मुंबई में बारिश की तेज़ी बढ़ने के साथ ही डेंगू और मलेरिया के मामलों में भी बढ़ोतरी देखी गई है। जून में बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) के एक सर्वे के मुताबिक, दक्षिण मुंबई मच्छरों से फैलने वाली बीमारियों के लिए शहर का मुख्य हॉटस्पॉट बनकर उभरा है। नतीजतन, नगर निकाय ने मच्छर नियंत्रण का अपना विशेष अभियान तेज़ कर दिया है। (South bombay tops dengue, malaria charts
डेंगू के सबसे ज़्यादा मामले कहाँ हैं?
BMC के आंकड़ों के अनुसार, 'D वार्ड' में डेंगू के 15 मामले पाए गए, जो शहर में सबसे ज़्यादा संख्या है।
D वार्ड में शामिल इलाके:
C वार्ड – 9 मामले
E वार्ड – 8 मामले
B वार्ड – 3 मामले
वहीं, 'A वार्ड' में डेंगू का कोई मामला नहीं मिला, हालाँकि तीन संदिग्ध मामले दर्ज किए गए।
E वार्ड में मलेरिया के सबसे ज़्यादा मामले
मलेरिया के सबसे ज़्यादा मामले—64—'E वार्ड' (जिसमें बायकुला, मज़गाँव, नागपाड़ा, एग्रीपाड़ा और मुंबई सेंट्रल शामिल हैं) में दर्ज किए गए। इसके बाद:
D वार्ड – 22
C वार्ड – 19
A वार्ड – 17
B वार्ड – 9
दक्षिण मुंबई में मच्छरों का सबसे ज़्यादा पनपना
नगर निगम के कीट नियंत्रण विभाग की जांच के अनुसार:
मलेरिया फैलाने वाले *एनोफिलीज* मच्छरों के पनपने की जगहें:
E वार्ड – 722 जगहें
D वार्ड – 251
C वार्ड – 236
A वार्ड – 176
B वार्ड – 160
डेंगू फैलाने वाले *एडीज* मच्छरों के पनपने की जगहें:
E वार्ड – 1,237 जगहें
A वार्ड – 1,031
C वार्ड – 811
D वार्ड – 405
B वार्ड – 316
खास बात यह है कि D वार्ड में *एडीज* मच्छरों के पनपने की दर अपेक्षाकृत कम होने के बावजूद, वहाँ डेंगू के सबसे ज़्यादा मरीज़ पाए गए; इससे पता चलता है कि लगातार निगरानी और बचाव के उपाय उतने ही ज़रूरी हैं जितने कि मच्छरों की संख्या। BMC का खास अभियान
नगर निगम की अतिरिक्त आयुक्त (स्वास्थ्य), प्राजक्ता वर्मा ने बताया कि लगातार बारिश से मच्छरों के पनपने के लिए अनुकूल माहौल बन गया है।
इसके चलते
एंटी-लार्वा ट्रीटमेंट
फॉगिंग
मच्छरों के पनपने की जगहों को खत्म करना
निर्माण स्थलों, रिहायशी इमारतों और कमर्शियल जगहों का निरीक्षण
खास टीमों द्वारा सर्वे
इन उपायों को तेज़ी से लागू किया जा रहा है।
नगर निगम की कार्यकारी स्वास्थ्य अधिकारी, डॉ. दक्षा शाह ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने घरों या आस-पास पानी जमा न होने दें और निरीक्षण के दौरान नगर निगम के कर्मचारियों का सहयोग करें।
डॉक्टरों की चेतावनी
डॉ. मधुकर गायकवाड़ ने बताया कि:
डेंगू *एडीज* मच्छरों से होता है, जो साफ, जमा हुए पानी में पनपते हैं।
मलेरिया *एनोफिलीज* मच्छरों से फैलता है।
उन्होंने सलाह दी कि मॉनसून के मौसम में बुखार, शरीर में दर्द, ठंड लगना या अन्य लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लें। पानी से होने वाली बीमारियों में बढ़ोतरी
जून के महीने में:
गैस्ट्रोएंटेराइटिस के 34 मामले
टाइफाइड के 9 मामले
'E' वार्ड में दर्ज किए गए। हालांकि, नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि हेपेटाइटिस और लेप्टोस्पायरोसिस के मामलों में कोई खास बढ़ोतरी नहीं हुई है। नागरिकों को क्या सावधानियां बरतनी चाहिए? घर के अंदर या छत पर पानी जमा न होने दें। पानी की टंकियों, कूलर और गमलों को नियमित रूप से साफ करें।
पूरी आस्तीन (full-sleeved) वाले कपड़े पहनें।मच्छरों से बचाव के लिए मच्छरदानी या रिपेलेंट का इस्तेमाल करें।अगर बुखार हो, तो खुद से दवा लेने के बजाय तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।