नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया (NHAI) ने मौजूदा कॉरिडोर के पैरेलल तीसरे मुंबई-पुणे एक्सप्रेस के लिए प्रोसेस शुरू कर दिया है। इससे दोनों शहरों के बीच यात्रा का समय लगभग 90 मिनट कम होने की उम्मीद है।NHAI ने डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार करने और फ़ीज़िबिलिटी स्टडी करने के लिए बिड मंगाई हैं।
मौजूदा मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के पैरेलल 130 km के ग्रीनफ़ील्ड एक्सप्रेसवे पर लगभग 15,000 करोड़ रुपये खर्च होने की उम्मीद है। डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार करने के लिए टेंडर मंगाए गए हैं।
नया एक्सप्रेसवे मॉडर्न सेफ़्टी फ़ीचर्स के साथ बना 8-लेन का हाई-स्पीड रोड होगा। यह रायगढ़ ज़िले के चौक से शुरू होगा और JNPT कॉरिडोर से जुड़ेगा। वहां से, यह पुणे की ओर बढ़ेगा और भोर तालुका के शिवारे गांव में खत्म होगा, जो पुणे रिंग रोड से जुड़ जाएगा।
यह कॉरिडोर पुणे और अटल सेतु के बीच सीधी कनेक्टिविटी भी देगा, जिससे मुंबई, नवी मुंबई और जवाहरलाल नेहरू पोर्ट तक पहुंच बेहतर होगी।
सूत्रों ने बताया कि NHAI ने टेंडर प्रोसेस के लिए 24 जून की डेडलाइन तय की है, जिसके बाद कॉन्ट्रैक्टर अपॉइंटमेंट और टेक्निकल क्लियरेंस में तेज़ी आने की उम्मीद है। शुरुआती सर्वे और रूट इंस्पेक्शन का काम इस साल के आखिर में शुरू होने की उम्मीद है।
नए रूट से मौजूदा कॉरिडोर पर दबाव कम होने की उम्मीद है, साथ ही पश्चिमी महाराष्ट्र में मुख्य इंडस्ट्रियल और लॉजिस्टिक्स हब के बीच कनेक्टिविटी मज़बूत होगी।
यह रोज़ाना लगभग तीन लाख गाड़ियों को हैंडल कर पाएगा और पुणे, मुंबई, नवी मुंबई, JNPT पोर्ट और मुख्य इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के बीच माल ढुलाई में काफ़ी सुधार करेगा।
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