बुधवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में उद्योग संबंधी मंत्रिमंडलीय उपसमिति की बैठक में राज्य में उच्च तकनीक उद्योगों के लिए 1 लाख 35 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इससे करीब एक लाख प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे। फडणवीस ने कहा कि इन परियोजनाओं से तकनीकी नवाचार, शोध, विकास और रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलेगा। (State approves 17 industrial projects worth INR 1.35 lakh crore)
अधिकारियों के साथ बैठक
उद्योग विभाग के अंतर्गत सामूहिक प्रोत्साहन योजना और विकासशील एवं उभरते उद्योगों के लिए थ्रस्ट सेक्टर पॉलिसी के तहत बड़ी और अति-बड़ी परियोजनाओं के लिए प्रोत्साहन को मंजूरी देने के लिए मंत्रिमंडलीय उपसमिति की बैठक हुई।बैठक में कुल 17 परियोजनाओं के लिए विशेष प्रोत्साहन को मंजूरी देने का निर्णय लिया गया। इन परियोजनाओं में सेमीकंडक्टर, सिलिकॉन, सिल्लियां और वेफर्स, सेल और मॉड्यूल, इलेक्ट्रिक वाहन घटक, लिथियम-आयन बैटरी, एयरोस्पेस और रक्षा सामग्री, कपड़ा, ग्रीन स्टील परियोजनाएं और ग्रीनफील्ड गैस-टू-केमिकल उत्पादन से जुड़ी कंपनियां शामिल हैं।
इन 17 परियोजनाओं से राज्य में 1.35 करोड़ रुपये का नया निवेश आएगा, जिससे प्रत्यक्ष/अप्रत्यक्ष रूप से एक लाख लोगों को रोजगार मिलेगा। राज्य कर्मचारी भविष्य निधि रिफंड, कर्मचारी भविष्य निधि रिफंड आदि में रियायतें देने का निर्णय लिया गया।इसके अलावा, थ्रस्ट सेक्टर और हाई-टेक आधारित परियोजनाओं की संख्या 22 से बढ़ाकर 30 की जाएगी।
रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की प्रस्तावित परियोजना के लिए पालघर जिले के दपचारी और वंकास में भूमि अधिग्रहण और आवंटन किया जाएगा। कोयला गैसीकरण और डाउनस्ट्रीम डेरिवेटिव के उत्पादन में लगी कंपनियों को विशेष प्रोत्साहन देने का भी निर्णय लिया गया।
इन परियोजनाओं को मिली मंजूरी
क्या विकसित होगा?
ये परियोजनाएं तकनीकी नवाचार, अनुसंधान और विकास को बढ़ावा देंगी और एक मजबूत स्थानीय आपूर्ति श्रृंखला विकसित करेंगी, जिससे सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम क्षेत्र को लाभ होगा।ये परियोजनाएं राज्य में सेमीकंडक्टर, स्टील परियोजनाओं और इलेक्ट्रिक वाहन निर्माण क्षेत्रों में बड़ी मात्रा में निवेश और रोजगार पैदा करेंगी।
इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था और राज्य के समग्र विकास को लाभ होगा और तकनीकी नवाचार, अनुसंधान और विकास को बढ़ावा मिलेगा। उद्योग विभाग के एक अधिकारी ने दावा किया कि इससे उद्यमशीलता प्रौद्योगिकियों में रोजगार और कौशल बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।
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