महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और शिवसेना के मुख्य नेता एकनाथ शिंदे ने भरोसा जताया कि महिला आरक्षण और लोकसभा निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन से जुड़े महत्वपूर्ण विधेयक संसद के आगामी मानसून सत्र में पारित होंगे। बुधवार को नई दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि इन दोनों विधेयकों से लोकतंत्र और जन प्रतिनिधित्व को मजबूती मिलेगी। इस मौके पर सांसद संजय देशमुख, संजय जाधव, भाऊसाहेब वाकचौरे, ओमराजे निंबालकर और नागेश पाटील आष्टीकर मौजूद रहे।(Modi government's historic resolution on women's reservation and delimitation will get approval in Parliament says Eknath Shinde)
शिंदे ने कहा कि कई लोकसभा क्षेत्रों की आबादी २० से २५ लाख तक पहुंच चुकी है। इतने बड़े क्षेत्रों में विकास कार्यों का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है। इसलिए परिसीमन जरूरी है, ताकि सभी क्षेत्रों को समान प्रतिनिधित्व और विकास का अवसर मिल सके।
महिला आरक्षण पर उन्होंने कहा कि वर्षों तक इसकी केवल चर्चा होती रही, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे आगे बढ़ाने का साहस दिखाया। उनका आरोप था कि पिछले संसद सत्र में विपक्ष के कारण यह विधेयक पारित नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि अगर अब विपक्ष इस विधेयक का समर्थन करता है, तो यह महिलाओं के हित में सकारात्मक कदम होगा। उन्होंने सभी दलों से महिला आरक्षण के समर्थन की अपील की।
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के साथ महाराष्ट्र के विभिन्न विकास कार्यों पर विस्तार से चर्चा हुई। इसमें सिंचाई परियोजनाएं, मराठवाड़ा सिंचाई योजना, रेलवे, सड़क, प्रधानमंत्री आवास योजना, नगर विकास और ग्राम विकास जैसे विषय शामिल थे। उन्होंने कहा कि अमित शाह ने भरोसा दिया है कि इन प्रस्तावों पर आगामी केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में विचार किया जाएगा। शिंदे ने यह भी बताया कि संबंधित सांसदों के बीच समन्वय की जिम्मेदारी सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे को सौंपी गई है।
शिंदे ने कहा कि शिवसेना के साथ आए दो-तिहाई बहुमत वाले सांसदों से जुड़ी सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी हो चुकी हैं और मामला लोकसभा अध्यक्ष के समक्ष विचाराधीन है। उन्होंने विश्वास जताया कि लोकतंत्र की परंपरा के अनुसार उचित फैसला लिया जाएगा।
मोदी सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि ८० करोड़ लोगों को मुफ्त राशन दिया जा रहा है, ३२ करोड़ लोगों को गरीबी रेखा से बाहर निकाला गया है और महाराष्ट्र को यूपीए सरकार के दस वर्षों की तुलना में कई गुना अधिक केंद्रीय सहायता मिली है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार 'नेशन फर्स्ट' की भावना से काम कर रही है, जबकि विपक्ष की राजनीति 'करप्शन फर्स्ट' पर आधारित है।
राम मंदिर के मुद्दे पर बिना किसी का नाम लिए शिंदे ने कहा कि जो लोग पहले राम भक्तों का विरोध करते थे, वे अब रामरक्षा का पाठ कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनता जानती है कि बाला साहेब ठाकरे के विचारों, हिंदुत्व और महाराष्ट्र के हितों से किसने समझौता किया। उन्होंने दावा किया कि राज्य की जनता विकास की राजनीति के साथ खड़ी है।
किसानों के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि सरकार ने कर्जमाफी का वादा पूरा किया है और इस साल के बजट में भी किसानों को राहत देने के कई फैसले लिए गए हैं। ५० हजार रुपये की शर्त से जुड़ी अड़चनों को भी दूर कर दिया गया है। उन्होंने कहा, "सरकारी खजाने पर पहला अधिकार अन्नदाता का है। किसानों के हित में जो भी जरूरी होगा, सरकार वह करेगी।
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