हाल के एविएशन डेटा के मुताबिक, मार्च में मुंबई और दिल्ली एयरपोर्ट पर इंटरनेशनल पैसेंजर ट्रैफिक में कमी आई है। विदेश यात्रा में गिरावट ने एविएशन सेक्टर में चिंता बढ़ा दी है, खासकर इसलिए क्योंकि दोनों एयरपोर्ट देश के सबसे बिज़ी इंटरनेशनल हब में से हैं।(Mumbai Airport See Decline in International Passenger Traffic in March)
पैसेंजर मूवमेंट पर असर
इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का मानना है कि बढ़ते हवाई किराए, ग्लोबल जियोपॉलिटिकल टेंशन और इंटरनेशनल फ्लाइट ऑपरेशन में रुकावटों जैसे कई फैक्टर्स ने पैसेंजर मूवमेंट पर असर डाला है। एविएशन फ्यूल की लागत और ट्रैवल डिमांड में अनिश्चितता को भी इंटरनेशनल ट्रैफिक में कमी के बड़े कारणों के तौर पर देखा जा रहा है।
भारत में घरेलू हवाई यात्रा में लगातार बढ़ोतरी
जहां इंटरनेशनल पैसेंजर की संख्या में गिरावट देखी गई, वहीं इसी दौरान भारत में घरेलू हवाई यात्रा में लगातार बढ़ोतरी देखी गई। एयरलाइंस ने घरेलू पैसेंजर मूवमेंट में बढ़ोतरी दर्ज की, जो इंटरनेशनल एविएशन मार्केट में चुनौतियों के बावजूद देश के अंदर यात्रा की लगातार डिमांड को दिखाता है।
दिल्ली एयरपोर्ट पर भी हाल के महीनों में रनवे अपग्रेड के काम के कारण ऑपरेशनल प्रेशर देखा गया, जिससे फ्लाइट शेड्यूल और पैसेंजर मूवमेंट पर असर पड़ा। इस बीच, मुंबई एयरपोर्ट भारी कैपेसिटी प्रेशर में काम करना जारी रखे हुए है क्योंकि पैसेंजर वॉल्यूम ज़्यादा बना हुआ है।
पैसेंजर डिस्ट्रीब्यूशन को बेहतर बनाने में मदद
एविएशन एनालिस्ट्स का मानना है कि नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्रोजेक्ट सहित भविष्य के इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट, मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन में कंजेशन कम करने और पैसेंजर डिस्ट्रीब्यूशन को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं।