महाराष्ट्र एंटी-करप्शन ब्यूरो (ACB) द्वारा जारी किए गए डेटा के अनुसार, 2025 में मुंबई में सबसे कम ट्रैप केस दर्ज किए गए हैं।जनवरी से दिसंबर 2025 के बीच, राज्य में कुल 682 भ्रष्टाचार से जुड़े मामले दर्ज किए गए, जिनमें 669 ट्रैप केस शामिल हैं।सबसे ज़्यादा ट्रैप केस राजस्व और भूमि अभिलेख विभाग के अधिकारियों से जुड़े थे, इसके बाद पुलिस, पंचायत समिति और महाराष्ट्र राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड (MSEDCL) का नंबर आता है। (Mumbai Registers Least Number Of Corruption-Related Trap Cases With 39 in 2025)
669 ट्रैप केस में 988 लोगों पर केस दर्ज
ACB के आंकड़ों से पता चला कि 669 ट्रैप केस में 988 लोगों पर केस दर्ज किया गया, जिनमें 188 प्राइवेट व्यक्ति शामिल थे। आगे के विश्लेषण से पता चला कि ट्रैप केस में शामिल ज़्यादातर अधिकारी क्लास III सरकारी अधिकारी (474) थे, इसके बाद क्लास II अधिकारी (124), क्लास I अधिकारी (68) और क्लास IV अधिकारी (40) थे।
559 ट्रैप केस में रिश्वत की कुल रकम 3.54 करोड़ रुपये
आंकड़ों से यह भी पता चला कि 559 ट्रैप केस में रिश्वत की कुल रकम 3.54 करोड़ रुपये थी। रिश्वत की सबसे ज़्यादा रकम पुलिस अधिकारियों से जुड़ी थी (91.28 लाख रुपये), इसके बाद राजस्व और भूमि अभिलेख विभाग (61.89 लाख रुपये), नगर निगम (44.91 लाख रुपये) और सहकारिता, विपणन और वस्त्र विभाग (38.13 लाख रुपये) का नंबर आता है।
आंकड़ों से यह भी पता चला कि सबसे ज़्यादा ट्रैप केस नासिक रेंज (138) में दर्ज किए गए, इसके बाद पुणे (121), छत्रपति संभाजी नगर (109), ठाणे (82), अमरावती (71), नांदेड़ (55), नागपुर (54) और मुंबई (39) का नंबर आता है।
2025 में ACB द्वारा विभागों के अनुसार दर्ज किए गए ट्रैप केस की संख्या
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