शिवाजी पार्क में धूल प्रदूषण के लिए BMC ने किये उपाय

मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (BMC) अब दादर शिवाजी पार्क ग्राउंड पर धूल के प्रदूषण की लंबे समय से चली आ रही समस्या को हल करने के लिए नए ऑप्शन तलाश रहा है।‘IIT’ की गाइडेंस में, शिवाजी पार्क ग्राउंड पर दो अलग-अलग एक्सपेरिमेंटल सॉल्यूशन लागू करने की योजना बनाई गई है।(Municipal Corporation's measure to tackle dust pollution at Shivaji Park)

कंस्ट्रक्शन और तोड़-फोड़ के काम से निकले मलबे को प्रोसेस करके बनाए गए रेत जैसे कंपोनेंट को ग्राउंड की लाल मिट्टी के साथ मिलाने का एक एक्सपेरिमेंट किया जाएगा।क्योंकि यह मिक्सचर वज़न में भारी होता है, इसलिए हवा में उड़ने वाले बारीक मिट्टी के कणों की मात्रा कम हो जाएगी और इस तरह धूल के प्रदूषण को कंट्रोल करना मुमकिन होगा।

इस एक्सपेरिमेंट के सफल होने के बाद, इसे भविष्य में लागू किया जाएगा।इस बीच, स्थानीय लोगों, खेल संगठनों, सीनियर सिटिजन और खिलाड़ियों ने ग्राउंड के मेंटेनेंस और धूल के प्रदूषण पर लगातार नज़र रखी है।

‘IIT’ के एक्सपर्ट्स ने ग्राउंड का इंस्पेक्शन और शुरुआती टेस्ट पूरे कर लिए हैं। अब असली एक्सपेरिमेंटल फेज़ की तैयारी चल रही है।यह एक्सपेरिमेंट मानसून खत्म होने के बाद किया जाएगा। नतीजों के आधार पर एक परमानेंट सॉल्यूशन तय किया जाएगा। शिवाजी पार्क में धूल के प्रदूषण की समस्या कई सालों से चली आ रही है।

पहले भी मैदान को सुंदर बनाने, हरियाली बढ़ाने, रेनवाटर हार्वेस्टिंग प्रोजेक्ट, स्मॉग टावर बनाने, वैक्यूम मशीनों से धूल इकट्ठा करने जैसे कई उपाय सुझाए गए हैं। हालांकि, इनमें से ज़्यादातर योजनाएं असल में असरदार नहीं रही हैं।

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