राज्य सरकार के कर्मचारियों की सेंट्रल एसोसिएशन ने अपनी कई पेंडिंग मांगों को लेकर मंगलवार से हड़ताल बुलाई है, जिससे मिनिस्ट्री के काम पर असर पड़ा है।मंगलवार को हड़ताल के पहले दिन, मिनिस्ट्री के लगभग आधे कर्मचारी गैरहाजिर थे, जिससे काम के लिए मिनिस्ट्री आने वाले विज़िटर्स पर असर पड़ा।(Strike Impacts Work at the Mantralaya)
राज्य के लगभग 17 लाख सरकारी, ज़िला परिषद और टीचिंग और नॉन-टीचिंग कर्मचारियों ने अपनी कई पेंडिंग मांगों को लेकर शुरू हुई हड़ताल
कर्मचारी एसोसिएशन इस बात पर अड़ा हुआ है कि जब तक मांगें नहीं मानी जातीं, हड़ताल खत्म नहीं की जाएगी।राज्य के लगभग 17 लाख सरकारी, ज़िला परिषद और टीचिंग और नॉन-टीचिंग कर्मचारियों ने अपनी कई पेंडिंग मांगों को लेकर शुरू हुई हड़ताल में हिस्सा लिया है, जिसमें पुरानी रिटायरमेंट स्कीम को लागू करना और सरकारी खाली पदों को भरना शामिल है।हड़ताल आज, बुधवार को भी जारी रहने की संभावना है क्योंकि राज्य सरकार उनके आंदोलन को वापस लेने के लिए कोई कदम नहीं उठा रही है।
काम पर भी असर
मिनिस्ट्री के कर्मचारी भी राज्य सरकार के कर्मचारियों की बुलाई हड़ताल में शामिल हो गए हैं और काम बंद कर दिया है।नतीजतन, आज मिनिस्ट्री के कुल 7 हज़ार कर्मचारियों में से सिर्फ़ 3619 कर्मचारी ही मौजूद थे।साथ ही, इस हड़ताल की वजह से अलग-अलग डिपार्टमेंट में काम की रफ़्तार धीमी हो गई। नागरिकों के पेंडिंग कामों में और देरी होने की संभावना है।
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