शिवसेना के मुख्य नेता और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने पश्चिम बंगाल और असम के चुनाव परिणामों पर भारतीय जनता पार्टी की शानदार जीत का स्वागत किया है। उन्होंने इन नतीजों को भारतीय राजनीति के लिए एक ऐतिहासिक मोड़ बताया है।
पश्चिम बंगाल में 'विकास' की जीत
पश्चिम बंगाल के परिणामों पर प्रतिक्रिया देते हुए एकनाथ शिंदे ने कहा, पश्चिम बंगाल में पहली बार पूर्ण बहुमत के साथ कमल का खिलना लोकतंत्र की सच्ची जीत है। जनता ने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार की गुंडागर्दी और भ्रष्टाचार को सिरे से नकारते हुए विकास, स्थिरता और शांति के पक्ष में मतदान किया है। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि बंगाल की जनता ने इस बार ममता बनर्जी को पराजय की झालमुड़ी खिलाई है। शिंदे ने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अब बंगाल में डबल इंजन की सरकार विकास का नया अध्याय लिखेगी। डेवलपमेंट में बंगाल काफी पिछड़ा हुआ था अब बीजेपी की सरकार आने के बाद वहा की जनता का डेवलेपमेंट होगा।
अमित शाह की रणनीति और आरएसएस का शताब्दी वर्ष
उपमुख्यमंत्री ने इस जीत को विशेष रूप से महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जन्मभूमि पर बीजेपी का परचम लहराना एक भावुक और गौरवपूर्ण क्षण है। उन्होंने इसे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष की एक बड़ी उपलब्धि बताया। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की सराहना करते हुए शिंदे ने कहा की अमित शाह ने चाणक्य की भांति जो रणनीति तैयार की, उसी का परिणाम है कि ममता बनर्जी का अभेद्य किला ढह गया। पिछले दस वर्षों से कार्यकर्ताओं ने दमन और दबाव के बावजूद जो संघर्ष किया, आज उसे सफलता मिली है।
असम में हैट्रिक और बारामती की जीत
असम के नतीजों पर खुशी जाहिर करते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा को बधाई दी और कहा कि असम में लगातार तीसरी बार भाजपा की वापसी प्रधानमंत्री मोदी के विजन पर जनता के अटूट विश्वास का प्रमाण है। साथ ही, महाराष्ट्र के राजनीतिक घटनाक्रम पर बोलते हुए एकनाथ शिंदे ने बारामती से उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार की रिकॉर्ड मतों से जीत पर उन्हें शुभकामनाएं दीं। शिंदे ने कहा, बारामती की जनता ने विकास के प्रति अपना भरोसा जताया है और अजित पवार के विकासवादी सपनों को आगे बढ़ाने का जनादेश दिया है।
तमिलनाडु में एम. के. स्टालिन की हार पर प्रतिक्रिया देते हुए एकनाथ शिंदे ने तमिलनाडु की जनता का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि स्टालिन अक्सर सनातन और हिंदुत्व को लेकर विवादित बयान देते थे, इसलिए वहाँ की जनता ने उन्हें सबक सिखाते हुए पराजित कर दिया। शिंदे ने कहा कि इस परिणाम से यह स्पष्ट हो गया है कि लोकतंत्र में जनता ही सर्वोपरि होती
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