दिव्यांग-अव्यांग विवाह प्रोत्साहन योजना

  • मुंबई लाइव टीम
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दिव्यांग कल्याण विभाग के सचिव तुकाराम मुंढे ने कहा कि दिव्यांग-अव्यांग विवाह प्रोत्साहन योजना में काफी सुधार किया गया है और सब्सिडी राशि बढ़ाकर योजना को और प्रभावी बनाया गया है। दिव्यांग व्यक्तियों के विवाह को लेकर समाज में सामाजिक और सांस्कृतिक पूर्वाग्रहों का उनके जीवन पर दीर्घकालिक प्रभाव पड़ता है।(Disabled Marriage Promotion Scheme)

सरकार ने दिव्यांग व्यक्तियों के विवाह को बढ़ावा देने के लिए यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया

विकलांगता को अक्सर अक्षमता या अधिकारों की कमी के रूप में देखा जाता है। इस संदर्भ में सरकार ने दिव्यांग व्यक्तियों के विवाह को बढ़ावा देने के लिए यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया है, जिससे इस नजरिए को बदलने की जरूरत पर प्रकाश डाला गया है। सचिव मुंढे ने कहा कि दिव्यांग व्यक्ति का विवाह माता-पिता के लिए एक कठिन जिम्मेदारी बन जाती है। अक्सर शादी टाल दी जाती है या अलग साथी दे दिया जाता है। विशेषकर दिव्यांग महिलाओं को महिला और दिव्यांग के रूप में दोहरा भेदभाव का सामना करना पड़ता है।

दिव्यांग-विकलांग विवाह के लिए 1,50,000 रुपये और दिव्यांग-विकलांग विवाह के लिए 2,50,000 रुपये

इस संदर्भ में सरकार, सामाजिक और गैर-सरकारी संगठन दिव्यांग व्यक्तियों को मुख्यधारा में लाने का प्रयास कर रहे हैं। दिव्यांग-विकलांग विवाह के लिए 1,50,000 रुपये और दिव्यांग-विकलांग विवाह के लिए 2,50,000 रुपये दिए जाएंगे। यह रकम डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर सिस्टम के ज़रिए पति-पत्नी के जॉइंट बैंक अकाउंट में जमा की जाएगी, और कपल को 50 परसेंट रकम पांच साल के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट में रखना ज़रूरी है।

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