बस डिपो में बेकार पड़ी है 10 हाइब्रिड इलेक्ट्रिक बसें

मुंबईकरों को हाइब्रिड इलेक्ट्रिक बसों की सवारी करने के लिए इंतजार करना होगा जो मुंबई में आई तो है लोेकिन धूल खा रही है। हालांकी बसों की इस स्थिति के लिए एमएमआरडीए और बेस्ट दोनों एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप का खेल खेलना शुरु कर दिया है।मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी (एमएमआरडीए) ने 10 इलेक्ट्रिक वातानुकूलित बसों को 1.61 करोड़ रुपये में खरीदा था, जो अनीक, कुर्ला और धारावी बस डिपो में बेकार पड़ी है। एमएमआरडीए और बेस्ट दोनों ही इन बसों के लिए जिम्मेदारी लेने से कतरा रही है।

'बेस्ट' वेंटिलेटर पर, बचेगी?

एक ओर, एमएमआरडीए के संयुक्त प्रोजेक्ट डायरेक्टर (पीआर) दिलीप कवथकर ने कहा कि BEST ने क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण (आरटीओ) से अनुमति नहीं मांगी है, जबकि दूसरी ओर, बेस्ट अधिकारियों ने कहा कि वे पहले से ही सड़कों पर बसों को चलाने के लिए आरटीओ परमिट प्राप्त कर चुके हैं।एमएमआरडीए ने 25 हाइब्रिड इलेक्ट्रिक बसों का आदेश दिया था, जिनमें से पहला बैच सितंबर में आया था और दूसरा अक्टूबर में पहुंचा था , जिन्हे बीकेसी में चलाया जाएगा।

अगली खबर
अन्य न्यूज़