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Page 1988 - शुभांगी सालवे

आदर्श 'महाराष्ट्रीय मुलगी', जो शब्दों की भीड़ में शांति को अनुभूत कर सकती हैं। संगीत, बरसात और एक पियाली चाय का कोई जवाब नहीं। अपनी लिखी रचनाओं में भावनाओं को सराबोर करती हूँ, जिसका सीधा असर पढ़नेवाले के दिल पर हो, एक पत्रकार की हैसियत से यहीं मेरे लिए खुशी की परिभाषा हैं।

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