‘मोरल पुलिसिंग' के आरोप में डीसीपी अभिनाश कुमार की मशीबतें और बढ़ी

कानून के तहत काम ना करने के लिए गेस्ट हाुस के मालिक ने अभिनाश कुमार को कोर्ट में चुनौती दी है।

गेस्ट हाउस के मालिक चंद्रावर्धन पांचोली
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अपनी अलग अलग कार्रवाईयों की वजह से हमेशा खबरों में रहनेवाले मुंबई पुलिस के जोन 3 के पुलिस उपायुक्त अभिनाश कुमार अब एक और कार्रवाई को लेकर सुर्खियों में है। नागपाड़ा में एक गेस्ट हाउस में कानून को ताक पर रखकर काम ना करने के आरोप में गेस्ट हाउस के मालिक ने अभिनाश कुमार को कोर्ट में चुनौती दी है। इस घटना के कारण पुलिस की ' मोरल पुलिसिंग ' पर एक बार फिर से सवाल खड़ा हो गया है।

मुंबई के नागपाड़ा के कमाठीपूरा के पास गार्डन गेस्ट हाऊस पर अभिनाश कुमार ने 2 जनवरी को तड़के सुबह 3 बजे कार्रवाई की। गेस्ट हाउस में वेश्यावृत्ती का कारोबार शुरु होने की जानकारी कुमार को मिली थी, इस कार्रवाई में गेस्ट हाउस में पांच कपल्स थे। जिनमें से दो विवाहीत लोग थे और बाकी के दो प्रेमी जोडे जो वहा रात के लिए रुके हुए थे। इन सभी लोगों की जानकारी गेस्ट हाउस के रजिस्टर में दर्ज थी।

सूबत के तौर पर लोगों ने उन्हे कुमार को अपने आधारकार्ड भी दिखाए , बावजूद इसके अभिनाश कुमार तीनों प्रेमी जोड़ो को पुलिस स्टेशन लेकर गए और इसके साथ ही गेस्ट हाउस के मालिक को भी पुलिस स्टेशन बुलाया।हालांकी की जब कार्रवाई के बाद कुछ भी खास नहीं निकला फिर भी कुमार ने गेस्ट हाउस की सीसीटीवी फुटेज के साथ साथ डीवीआर को जांच के लिए लेकर आए और काउंटर पर पड़ी रजिस्टर को भी लेकर आ गए।

गेस्ट हाउस के मालिक चंद्रावर्धन पांचोली ने बताया की किसी भी प्रकार का कोई भी गैरकानूनी काम उनके गेस्ट हाउस में नहीं होता है बावजूद इसके पुलिस ने तीनों प्रेमी जो़ड़ो को अलगे शाम को रिहा किया।

नियमों के अनुसार, रात के समय किसी भी महीला को बुलाया या फिर लाया नहीं जाता है।लेकिन पुलिस ने कानून को ताक पर रखकर यह कार्रवाई की। इसके साथ ही उन्होने पुलिस पर 'मोरल पुलिसिंग ' का भी आरोप लगाया है। गेस्ट हाउस के मालिक चंद्रावर्धन पांचोली ने इस मामले में अभिनाश कुमार के खिलाफ कोर्ट में याचिका दाखिल की है।

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