वाडिया अस्पताल की करामात: साल भर की बच्ची ने निगला इयररिंग, बिना ऑपरेशन के किया ठीक


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वाडिया अस्पताल ने मात्र 1 साल की बच्ची के गले से इयररिंग निकाल कर न ही बच्ची की जान बचाई अपितु यह भी साबित कर दिया कि डॉक्टरों को क्यों भगवान की श्रेणी में रखा जाता है। ख़ुशी सोनी नामकी इस बच्ची ने एक इयररिंग निगल लिया था जो उसके गले में फंस गया था जिससे ख़ुशी को सांस लेने में परेशानी हो रही थी।


क्या था मामला?

ख़ुशी की मां ने बताया कि जब वह काम कर रही थी तभी ख़ुशी ने खेलते हुए पास में रखी इयररिंग निगल ली। इयररिंग निगलने के बाद ख़ुशी को सांस लेने में तकलीफ होने लगी और उसे लगातार खांसी आने लगी। यह देख ख़ुशी की मां घबरा गयी। ख़ुशी की मां को इस बात की जरा भी भनक नहीं थी कि ख़ुशी ने इयररिंग निगल लिया है। वह उसे नजदीकी अपस्ताल के एक बच्चों के डॉक्टर के पास ले गयी, लेकिन डॉक्टर ने खांसी की बीमारी समझ एक कफ सिरप लिख दिया। इसके बाद भी ख़ुशी की तबियत बिगड़ती जा रही थी।

बीमारी नहीं आ रहे थी पकड़ में 

इसके बाद ख़ुशी की मां ने उसे दूसरे अस्पताल में दिखाया, जहां उसका एक्सरे हुआ लेकिन फिर से एक्सरे में कुछ नहीं आया क्योंकि इयररिंग गले के ऊपरी हिस्से में ही अटकी थी। ख़ुशी उस अस्पताल में तीन दिन रही लेकिन उसकी स्थिति में सुधार नहीं आया।


'ब्रॉन्कोस्कोपी' की मदद से ठीक हुई ख़ुशी

लोगों की सलाह पर ख़ुशी के परिवार वालों ने ख़ुशी को बाई जेरबाई वाडिया अस्पताल में दाखिल कराया। वाडिया के ईएनटी विभाग के प्रमुख डॉ. दिव्य प्रभात ने बताया कि जब खुशी को यहां लाया तो समझ में नहीं आ रहा था। उन्होंने आगे कहा कि डॉक्टरों की एक टीम ने खुशी की बारीकी से जांच के बाद उसका एक्सरे निकाला तो गले में अटकी हुई वस्तू नजर आई। इसके बाद खुशी को ऑपरेशन थियटर में ले जाया गया, जहां 'ब्रॉन्कोस्कोपी' की मदद से गले से इयररिंग निकाली गयी। डॉ. प्रभात के मुताबिक ख़ुशी के ऑपरेशन की भी जरुरत नहीं पड़ी, उसका एक्स्ट्युबेट किया गया और अब वह नॉर्मल है और सामान्य बच्चों की तरह खा पी रही है। यह सब हुआ मात्र आधे घंटे के अंदर।


'खुशी के लिए खुशी है'

वाडिया हॉस्पिटल की मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. मिनी बोधनवाला ने बताया कि ऐसी स्थिति में अक्सर बच्चे बोलते नहीं है इसीलिए उनका तत्काल उपचार करना आवश्यक हो जाता है। मुझे ख़ुशी के लिए खुशी है और अपने डॉक्टरों पर भी गर्व है उन्होंने तत्काल इलाज करते हुए खुशी को ठीक कर दिया।

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