प्रोजेक्ट में होगी देरी तो इंजिनियर और ठेकेदार के कटेंगे पैसे, BMC ने जारी किया सर्कुलर

आपको बता दें कि बीएमसी हर साल विभिन्न प्रोजेक्ट कार्यों पर करोड़ रुपये खर्च करती है लेकिन प्रॉजेक्ट में देरी के चलते प्रोजेक्ट की लागत बढ़ जाती है जिससे काफी नुकसान होता है और करप्शन को बढ़ावा भी मिलता है।

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बीएमसी द्वारा सर्कुलर जारी कर कहा गया है कि अब अगर कोई भी प्रोजेक्ट समय पर पूरा नहीं होता है तो संबंधित अधिकारीयों का आधा वेतन काट लिया जाएगा साथ ही 20 फीसदी तक ठेकेदारों के पैसे भी  काट लिए जाएंगे। बीएमसी द्वारा लिया गया यह निर्णय क्रांतिकारी साबित हो सकता है साथ ही लापरवाही करने वाले अधिकारीयों और ठेकेदारों पर भी लगाम लग सकती है।  

क्या है सर्कुलर में?
बीएमसी कमिश्नर प्रवीण परदेशी द्वारा जारी किये गये इस सर्कुलर के मुताबिक किसी भी प्रोजेक्ट में देरी होने पर जो कारण गिनाए जाते हैं, वे समझ से परे होते हैं। इसीलिए सभी चीफ इंजिनियरों, विभागाध्यक्षों और डेप्युटी चीफ इंजिनियरों से कहा गया है कि समय से काम पूरा नहीं होने कार्रवाई की जाएगी, इसके लिए हर महीने संबंधित एग्जिक्युटिव इंजिनियर की सैलरी से 50 फीसदी सैलरी काट ली जाएगी और ठेकेदार के पेमेंट से 20% हिस्सा काट लिया जाएगा।

ऐसा नहीं है कि काम में देरी होने पर बीएमसी यह कार्रवाई कर रही है, अगर काम समय से पहले पूरा होता है तो ठेकेदार को तय रकम से 10 फीसदी अधिक राशि दी जाएगी।  

आपको बता दें कि बीएमसी हर साल विभिन्न प्रोजेक्ट कार्यों पर करोड़ रुपये खर्च करती है लेकिन प्रॉजेक्ट में देरी के चलते प्रोजेक्ट की लागत बढ़ जाती है जिससे काफी नुकसान होता है और करप्शन को बढ़ावा भी मिलता है।  

अन्य कारण भी हैं देरी के 

जबकि इस बारे में अधिकारीयों का कहना है कि काम में देरी अधिकारी या ठेकेदार के कारण ही नहीं होते बल्कि विभाग द्वारा  क्लियरेंस मिलने, प्रशासनिक कार्यवाही पूरी होने में देरी और दो विभागों के तालमेल में कमी की वजह से देरी होती है।

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