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स्ट्रीट बच्चों के लिए मुंबई में तीन नसा मुक्ति केंद्र

बीएमसी ने हाईकोर्ट में जवाब दाखिल करते हुए इस बात की जानकारी दी।

स्ट्रीट बच्चों के लिए मुंबई में तीन नसा मुक्ति केंद्र
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बीएमसी ने बॉम्बे हाईकोर्ट में जवाब दाखिल करते हुए इस बात का खुलासा किया है की मुंबई में नायर, जेजे और सायन अस्पताल में स्ट्रीट बच्चों के लिए तीन नशामुक्ति केंद्र हैं। बीएमसी के जवाब के बाद कोर्ट ने कहा की इन बच्चों की जरूरतों और समस्याओं को मानवीय तरीके से संबोधित किया जाना चाहिए।"

केंद्र सरकार बीएमसी को देती है सहायता

मुख्य न्यायाधीश नरेश पाटिल और न्यायमूर्ति एम.एस. कार्णिक एक जनहित याचिका पर सुनवाई कर रहे थे, जिसमे बीएमसी और राज्य द्वारा सड़क के बच्चों के लिए पुनर्वास योजनाओं की मांग की गई थी। इस मामले में कोर्ट ने बीएमसी से जवाब मांगा था। अदालत को सूचित किया गया था कि केंद्र , सड़क के बच्चों के कल्याण के लिए राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशनों के तहत प्रमाणीकृत गैर सरकारी संगठनों के माध्यम से बीएमसी को आर्थिक सहायता देती है। महाराष्ट्र सरकार नगर पालिका परिषद के सचिव की अध्यक्षता वाली समिति एनजीओ को धन के वितरण को नियंत्रित करती है और उनके कामकाज का लेखा-जोखा करती है।

बीएमसी ने महाराष्ट्र हाउसिंग एंड एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी और एयरपोर्ट अथॉरिटी को पत्र जारी किया है कि वे बीएमसी को शेल्टर होम के निर्माण के लिए फंड दें और जिम्मेदारी निभाएं। 2013 तक, एक प्रमुख गणना से पता चला था कि मुंबई में लगभग 37,000 स्ट्रीट चिल्ड्रेन है।

कोर्ट अब इस मामले की अगली सुनवाई 16 जनवरी को करेगा।


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