मुंबई की तीन ऐतिहासिक इमारतों को यूनेस्को ने दिया संरक्षण अवॉर्ड

मुंबई के ये तीन स्थान हैं, फ्लोरा फाउंटेन (हुतात्मा चौक), अवर लेडी ऑफ ग्लोरिया चर्च (भायखला) और केनेसेथ एलियाहू सेनेगोंग (काला घोड़ा)।

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मुंबईकरों के लिए एक खुशखबर है। यूनेस्को की एशिया-पैसिफिक रीजनल ब्यूरो ने मुंबई के तीन स्थानों को हेरिटेज संरक्षण अवॉर्ड दिया है। मुंबई के ये तीन स्थान हैं, फ्लोरा फाउंटेन (हुतात्मा चौक), अवर लेडी ऑफ ग्लोरिया चर्च (भायखला) और केनेसेथ एलियाहू सेनेगोंग (काला घोड़ा)।

फ्लोरा फाउंटेन
समाजसेवी विकास दिलावरी और उनकी टीम को फ्लोरा फाउंटेन के संरक्षण के लिए 'ऑनरेबल मेंशन' पुरस्कार दिया गया। इस फाउंटेन को साल 1865 में 47 हजार रुपये की लागत से बनाया गया था।

ग्लोरिया चर्च
साल 1911-13 में बने इस अवर लेडी ऑफ ग्लोरिया चर्च के संरक्षण के लिए डेविड कार्डोज और एंसले लुइस को अवॉर्ड मिला। यह मुंबई के सबसे पुराने रोमन कैथलिक चर्च में से है। 

एलियाहु सिनेगॉग
साल 1884 में बने केनेसेथ एलियाहु सिनेगॉग के संरक्षण के लिए आभा नारायण लांबा को 'अवॉर्ड ऑफ मेरिट दिया गया। यह मुंबई का दूसरा सबसे पुराना सिनेगॉग है।

यूनेस्को की तरफ से कहा गया है कि इन ऐतिहासिक इमारतों के संरक्षण के लिए ऐसे प्रयास जरुरी हैं। ऐसे लोगों को सम्मान करने से निजी और पब्लिक-प्राइवेट मॉडल के तहत ऐसे प्रॉजेक्टों को प्रोत्साहन मिलेगा।

आपको बता दें कि यूनेस्कों ने  इस बार भारत सहित पांच देशों चीन, भूटान, ऑस्ट्रेलिया और न्यू जीलैंड के 16 प्रॉजेक्टों को पुरस्कृत किया। यूनेस्कों के सामने 14 देशों की 57 प्रविष्टियां थीं।

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