नगरसेवक की निधी ना खत्म होने पर कनिष्ठ और सहायक अभियंता जवाबदार

नगरसेवकों ने मांग की है की उन्हे अपनी विरकास निधी खर्च करने के लिए 6 महीनों का और समय दिया जाए।

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नगरसेवकों को मिलनेवाली विकास निधी का एक बड़ा हिस्सा तकनीकी कारणों को कारण खर्च ना हो पाने के कारण नगरसेवको में नाराजगी है। जिसके लिए नगरसेवकों ने मांग की है की उन्हे अपनी विरकास निधी खर्च करने के लिए 6 महीनों का और समय दिया जाए। इसके साथ ही नगरसेवको का कहना है की अगर उन्हे 6 महीनों का और समय नहीं मिला तो विकास निधी ना खर्च होने के जिम्मेदार कनिष्ठ और सहायक अभियंता होंगे।

1 करोड़ की विकास निधी

बीएमसी ने कुल 227 नगरसेवक इसके अलावा 5 मनोनित नगरसेवक है। इन नगरसेवको को 1 करोड़ रुपये विकासनिधी के तौर पर मिलता है। इसके साथ ही एक विभाग के लिए एक अलग से बजट भी बनता है। लेकिन जीएसटी, सैप और कम बोली लगने के कारण इस साल नगरसेवको के विकास निधी खर्च होने में काफी दिक्कतें आई। सपा के पक्षनेता रईस शेख ने मांग की है की नगरसेवको को इस साल 6 महीने और दिये जाए अपनी विकास निधी को खर्च करने के लिए।

कांग्रेस ने भी दिया समर्थन

रईस शेख की इस मांग को कांग्रेस के पक्ष नेता रवीराजा ने भी अपना समर्थन दिया है। साथ ही उन्होन कहा की अगर नगरसेवक निधी बर्बाद होती है तो इसके लिए सहायक आयुक्त को भी जवाबदार माना जाएगा।

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