
महाराष्ट्र के मंत्रालय और विधान भवन में दो डिजिटल टाइमकीपिंग डिवाइस लगाए जाने हैं। इनमें मॉडर्न घड़ी टेक्नोलॉजी के साथ पारंपरिक भारतीय क्रोनोमेट्री, एस्ट्रोनॉमी और पंचांग पर आधारित जानकारी को मिलाया गया है। राज्य सरकार ने इन दोनों डिवाइस को खरीदने के लिए 10.97 लाख रुपये का खर्च मंजूर किया है, जिनका नाम कालयान रखा गया है।(Mantralaya to spend over 10 lakhs for indian Timekeeps for astrological guidance)
हर कालयान यूनिट की कीमत टैक्स मिलाकर 5.48 लाख रुपये रखी गई है। ये डिवाइस पुणे की आर्ष विद्या प्राइवेट लिमिटेड बना रही है, जिसे सरकारी प्रस्ताव में इस सिस्टम को बनाने वाली अकेली कंपनी बताया गया है। खरीद और उसके बाद के टेक्निकल इंस्पेक्शन की निगरानी आर्कियोलॉजी और म्यूजियम डायरेक्टरेट के डायरेक्टर करेंगे, जिन्हें इस पहल के लिए कंट्रोलिंग ऑफिसर नियुक्त किया गया है।
कालयान को इसके डेवलपर्स ने “पुरानी भारतीय क्रोनोमेट्री पर आधारित नए ज़माने की घड़ी” बताया है। आम डिजिटल घड़ी के उलट, इसमें घंटे, मिनट और सेकंड से आगे की जानकारी भी दी जाएगी। इंडियन स्टैंडर्ड टाइम और GPS-बेस्ड टाइम दिखाया जाएगा, जबकि एस्ट्रोनॉमिकल डिटेल्स जैसे सूर्योदय और सूर्यास्त का समय और आसमानी पिंडों की पोजीशन और मूवमेंट भी शामिल किए जाएंगे।
पारंपरिक भारतीय कैलेंडर की जानकारी डिस्प्ले का एक और ज़रूरी हिस्सा होगी। डिवाइस के ज़रिए पंचांग की डिटेल्स उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे समय और एस्ट्रोनॉमिकल साइकिल की पारंपरिक भारतीय समझ को आज के टाइमकीपिंग सिस्टम के साथ दिखाया जा सकेगा। ज़रूरी कल्चरल, धार्मिक, सामाजिक और राष्ट्रीय मौकों से जुड़ी जानकारी भी दिखाई जाएगी।
पंचांग को पारंपरिक रूप से एस्ट्रोनॉमिकल जानकारी का इस्तेमाल करके कैलकुलेट किया जाता है और यह पाँच मुख्य एलिमेंट्स — तिथि या चांद का दिन, वार या हफ़्ते का दिन, नक्षत्र या चांद का तारामंडल, योग और करण के आस-पास बना होता है। चांद के फेज़, ग्रहों की पोजीशन, ग्रहण और त्योहारों से जुड़ी जानकारी भी पारंपरिक पंचांग से ली जा सकती है। पारंपरिक सिस्टम के तहत शुभ या अशुभ माने जाने वाले समय को भी इसी तरह बताया जा सकता है।
कालायन के प्रपोज़्ड फीचर्स में एस्ट्रोलॉजिकल जानकारी भी शामिल की गई है। मैन्युफैक्चरर्स ने एस्ट्रोलॉजी के नाम और टर्म्स का एक “आसान डिस्प्ले” देने का वादा किया है। यूज़र्स को आसमान के मैप और ग्रहों की पोजीशन समझने में मदद करने के लिए जानकारी दी जाएगी, साथ ही रीति-रिवाजों के समय और राशिफल से जुड़ा डेटा भी शामिल किए जाने की उम्मीद है।
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