
BJP पार्षद आकाश राज पुरोहित को BEST के खिलाफ विरोध प्रदर्शन से जुड़े एक मामले में न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। मुंबई सेशंस कोर्ट ने उनके खिलाफ जारी नॉन-बेलेबल वारंट को रद्द करने की उनकी अर्जी खारिज कर दी है।(Mumbai BJP Corporator Akash Raj Purohit Remanded to Judicial Custody in BEST Agitation Case)
यह मामला एक आंदोलन से जुड़ा है जिसमें पुरोहित पर एक गैर-कानूनी विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लेने का आरोप था। कार्रवाई के दौरान कथित तौर पर कोर्ट में पेश न होने के बाद उनके खिलाफ नॉन-बेलेबल वारंट जारी किया गया था।
पुरोहित ने वारंट रद्द करने के लिए सेशंस कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, लेकिन कोर्ट ने उनकी अर्जी खारिज कर दी। आदेश के बाद, उन्होंने कोर्ट के सामने सरेंडर कर दिया और बाद में उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
मामला अब न्यायिक प्रक्रिया से आगे बढ़ेगा, और उम्मीद है कि पुरोहित आने वाले दिनों में और कानूनी राहत मांगेंगे।
इस घटना पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं, जिसमें BJP अपने पार्षद के खिलाफ कार्रवाई की आलोचना कर रही है, जबकि मामले में कानूनी कार्रवाई जारी है। यह मामला अप्रैल 2020 में COVID-19 लॉकडाउन के दौरान BEST के कोलाबा डिपो के बाहर हुए एक आंदोलन से जुड़ा है, जहाँ आकाश राज पुरोहित समेत BJP नेताओं ने डॉक्टरों, नर्सों और दूसरे फ्रंटलाइन वर्कर्स के लिए खास BEST बस सर्विस की मांग को लेकर विरोध किया था। इसके बाद पुलिस ने लॉकडाउन के नियमों के उल्लंघन, गैर-कानूनी तरीके से इकट्ठा होने, सरकारी कर्मचारियों के काम में रुकावट डालने और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुँचाने के आरोप में FIR दर्ज की।
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