चिल्ड्रन डे के दिन गूगल के इस डूडल से है मुंबई का खास कनेक्शन

पिंगला ने ‘डूडल फॉर गूगल’ कॉम्पिटीशन जीता है और कॉम्पिटीशन को जितने के बाद पिंगला द्वारा बनाए डूडल को गूगल ने 14 नवंबर को चिल्ड्रेन डे के मौके पर होमपेज पर शामिल किया है।

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चिल्ड्रन डे यानी 14 नवंबर के दिन अगर आपने गूगल पेज खोला होगा तो उसके होम पेज पर बने डूडल को अगर आपने देखा होगा तो आपको दूरबीन से अंतरिक्ष में लिखे हुए गूगल को देखती एक बच्ची नजर आई होगी। इसे मुंबई की रहने वाली मात्र 13 साल की बच्ची पिंगला राहुल मोरे ने ही इस डूडल को बनाया है। दरअसल पिंगला ने ‘डूडल फॉर गूगल’ कॉम्पिटीशन जीता है और कॉम्पिटीशन को जितने के बाद पिंगला द्वारा बनाए डूडल को गूगल ने 14 नवंबर को चिल्ड्रेन डे के मौके पर होमपेज पर शामिल किया है।

आपको बता दें कि गूगल में इस साल ‘डूडल फॉर गूगल’ कॉन्टेस्ट के लिए देश भर के उन बच्चों से आवेदन मांगे थे जो कक्षा 1 से लेकर 10वीं में पढ़ते हैं। इसकी थीम थी ‘व्हाट इंस्पायर्स मी‘ यानी 'ऐसा क्या है जो मुझे प्रेरित करता है'। इस प्रतियोगिता में पूरे देश से लगभग 75 हजार बच्चों ने आवेदन भेजे थे। 

इस प्रतियोगिता को जितने वाले को गूगल ने 5 लाख की स्काॅलरशिप, 2 लाख का टेक्नोलॉजी पैकेज और गूगल ऑफिस की ट्रिप का मौका जैसा शानदार ईनाम रखा था। लेकिन कक्षा आठवीं की स्टूडेंट पिंगला ने 5 अलग-अलग ग्रुप के प्रतियोगियों को हरा कर यह कॉम्पिटीशन जीता। डूडल के लिए यह ऑनलाइन वोटिंग अक्टूबर से 6 नवंबर के बीच की गई थी। 

पिंगला ने जो डूडल बनाया उसमें एक बच्ची टेलीस्कोप की मदद से सितारों की ओर देख रही है। डूडल के मुताबिक बच्चों को सबसे ज्यादा स्पेस प्रेरित करता है। इसीलिए पिंगला के डूडल को गूगल ने चिल्ड्रेंस डे के खास दिन के लिए चुना।

गूगल ने जो दूसरे बच्चों द्वारा बनाये गए डूडल को भी सिलेक्ट किया था जिसमें बच्चों ने बंदर, किसान और स्टडी डेस्क के अलावा कई जानवरों को भी अपनी प्रेरणा बताया है। गूगल ने डूडल फॉर गूगल इंडिया की शुरुआत सबसे पहले 2009 में की थी, जिसकी थीम ‘माय इंडिया’ रखी थी।

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