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महाराष्ट्र सरकार द्वारा प्लास्टिक बंदी पर लिए गए निर्णय के विरोध में 'थर्माकोल फैब्रिकेटर एंड डेकोरेटर एसोसिएशन' ने इस पर छूट देने के लिए बॉम्बे हाईकोर्ट से गुहार लगाई लेकिन कोर्ट ने इस पर छूट देने से इनकार कर दिया। इस एसोसिएशन का कहना है कि गणपति में सजाने के लिए अनेक दुकानदारों ने सजावटी प्लास्टिक और थर्माकोल पहले से ही खरीद कर रख लिए थे और अब उनपर रोक लगायी जाएगी तो दुकानदारों को आर्थिक नुकसान होगा।

इसीलिए दाखिल की याचिका 
प्लास्टिक और थर्माकोल के सजावटी साजो सामान बेचने वाले दुकानदारों ने 'थर्माकोल फैब्रिकेटर एंड डेकोरेटर एसोसिएशन' नामसे एक संगठन बनाया है। यह संगठन नवरात्री, दीवाली, गणेशोत्सव जैसे त्योहारों पर पांडालों की सजावट का काम करता है। इनका कहना है कि सरकार के निर्णय से पहले ही इन्होने सजावट के लाखों रूपये के सामान खरीद कर स्टॉक में रख लिया था, अब अगर प्लास्टिक बंदी होती है तो इनका धंदा चौपट हो जाएगा।

इसी डर से इन्होने कोर्ट में याचिका दायर की थी और प्लास्टिक बंदी के खिलाफ इनके याचिका पर विचार करने का कोर्ट से निवेदन किया था लेकिन कोर्ट ने इनकी मांग को दरकिनार करते हुए सरकार के निर्णय को ही सही ठहराया।

आपको बता दें कि पर्यावरण को हो रहे नुकसान को देखते हुए सरकार ने प्लास्टिक और थर्माकोल पर रोक लगा दी है। सरकार के इस निर्णय के बाद प्लास्टिक उत्पादकों और दुकानदारों ने कोर्ट ने जाकर इस फैसले पर रोक लगाने की मांग की, लेकिन कोर्ट से भी प्लास्टिक उत्पादकों और दुकानदारों को निराश होना पड़ा।

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