ऑनलाइन फ्राड: 400 रुपए की शराब पड़ी 24 हजार में

इस बारे में पुलिस भी कहा है कि कोई भी ग्राहक अपनी पर्सनल डिटेल्स कभी किसी को न बताये। पुलिस के अनुसार ऑनलाइन सर्च करने के बाद जिस दुकानों के नंबर दिखते है, कभी-कभी वह हैकर का नंबर होता है।

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ग्राहकों से बैंकों द्वारा बार-बार यह अपील की जाती है कि वे किसी को भी अपना बैंकिंग अथवा डेबिट या फिर क्रेडिट कार्ड की डिटेल्स न बताएं लेकिन जो लोग इस चेतावनी को अनसुना कर देते हैं तो वे इसका परिणाम भी भुगतते हैं। इसी तरह का एक मामला और सामने आया है। एक प्रोफ्रेसर ने अपनी सारी जानकारी शेयर कर दी जिससे उसके खाते से 24 हजार रुपए निकाल लिए गये। दरअसल यह प्रोफ़ेसर 400 रुपए की एक वाइन खरीदना चाहते थे।

खबर के मुताबिक़ प्रोफ़ेसर प्रशांत मासली (40) ने अपने ऑफिस बॉय को वाइन आर्डर करने को कहा। ऑफिस बॉय ने प्रोफेसर प्रशांत से उनका क्रेडिट कार्ड लिया और उसके सारे डिटेल्स फोन पर बात कर रहे व्यक्ति को दे दिए। इतना ही नहीं ऑफिस बॉय ने फोन पर आये ओटीपी को भी शेयर कर दिया।  

इसके थोड़ी देर बाद ही प्रोफ़ेसर के मोबाइल फोन पर एक के बाद एक कुल छह मैसेज आये जिसमें पैसे निकाले जाने की सूचना दी गयी थी। प्रोफ़ेसर के अकाउंट से एक के बाद एक कुल 24 हजार रुपए निकाले गये थे। जब प्रोफ़ेसर को इस बारे में पता चला तो उन्होंने उसी  नंबर पर फिर फिर से कॉल किया। लेकिन  फोन ऑफ आया। इसके बाद प्रशांत ने तत्काल पुलिस थाने में जाकर इस मामले में शिकायत दर्ज की।

इस बारे में पुलिस  भी कहा है कि कोई भी ग्राहक अपनी पर्सनल डिटेल्स कभी किसी को न बताये। पुलिस के अनुसार ऑनलाइन सर्च करने के बाद जिस दुकानों के नंबर दिखते है, कभी-कभी वह हैकर का नंबर होता है। ऐसे में कस्टमर दुकान के बजाए हैकर को संपर्क कर देता है जिसके बाद वह उसके जाल में फंस जाता है।

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