पढने की उम्र में...मौत की स्टंटबाजी।

माहिम - बांद्रा से माहिम हॉर्बर लाईन के लिए रोजाना लाखों लोग यात्रा करते हैं। लेकिन कभी -कभी यही सफर लोगों के लिए किसी हादसें से कम नहीं होता। स्कूल छात्रों से हम विनम्रता और आनेवाले अच्छे सामाज की उम्मीद करते है। लेकिन जब यही बच्चे अपनी जान को दाव पर लगा कर लोकल में स्टंट करने लगे तो फिर क्या कहना। बांद्रा से माहिम के दरम्यान दो स्कूली छात्रों ने लोकल पर जमकर स्टंटबाजी की । स्टंटबाजी वो भी एसी की जैसे मानों इन्हे अपने जान की परवाह ही ना हो । इनकी स्टंटबाजी एक यात्री ने अपने कैमरे में कैद कर ली। अब एसे में सवाल ये उठता है की जब हम रेलवे हादसों के लिए रेलवे को जिम्मेदार ठहराते है तो फिर एसे स्टंटबाजी के लिए क्या बच्चे खुद जिम्मेदार नहीं?

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