प्रतियोंगिता में लेते है हिस्सा और परीक्षा की भी चिंता, मुंबई विश्वविद्यालय के इस आदेश के बाद ये चिंता खत्म!

इस प्रवाधना के बाद अब अगर छात्रों के प्रतियोगिताओं की तारीख और परिक्षाओं की तारीख में अंतर नहीं होता है छात्र बाद में भी परीक्षा दे सकते है।

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छात्रों को राहत देने के लिए, मुंबई विश्वविद्यालय ने हाल ही में एक प्रावधान पेश किया है  जिसके अनुसार, छात्र अब अपनी परीक्षाओं  की चिंता के बिना ही  खेल, सांस्कृतिक गतिविधियों, प्रतियोगिताओं में भाग ले सकते हैं।  मुंबई विश्वविद्यालय के इस प्रवाधान के बाद  छात्र अब बिना किसी चिंता के खेल, सांस्कृतिक गतिविधियों, प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले सकते है अगर उनकी परीक्षा और इवेंट की तारीख भी आमने सामने क्यों ना हो।  

इस प्रवाधना के बाद अब अगर छात्रों  के प्रतियोगिताओं की तारीख और परिक्षाओं की तारीख में अंतर नहीं होता है छात्र बाद में भी परीक्षा दे सकते है। अंतर-कॉलेजिएट, विश्वविद्यालय, राज्य, राष्ट्रीय या अंतर्राष्ट्रीय स्तर  के प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेनेवाले छात्रों पर भी लागू होगा। इसके साथ ही  खेल, सांस्कृतिक, युवा उत्सव या राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) में भाग लेने वाले छात्रों को भी यही फायदा  मिलेगा।  

 कॉलेजों को नियमित सेमेस्टर परीक्षाओं के 30 दिनों के भीतर इन छात्रों के लिए अलग से परीक्षा आयोजित करनी होगी। इस कदम का छात्रों द्वारा स्वागत किया गया है, लेकिन यह निश्चित रूप से शिक्षकों को परेशान करेगा क्योंकि उन्हें प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले छात्रों के लिए एक अलग प्रश्न पत्र तैयार करना होगा।

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