मुंबई होगी साइकिल पर सवार, तो स्वास्थ्य होगा हरा भरा


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डेनमार्क की राजधानी कोपेनहेगन की सड़कों पर आपको वाहनों से अधिक साइकिल सवार दिखेंगे। इस शहर की हरियाली और प्रदुषण फ्री क्लाइमेट देख कर ऐसा लगता है कि काश ऐसा अपना मुंबई भी होता। चुनावों में मुंबई को शंघाई बनाने की जगह कोपेनहेगन बनाने की जरूरत है। मुंबई की सड़कों पर दौड़ने वाले लाखों वाहन प्रदूषण की बहुत बड़ी वजह है। वैसे मुंबई को साइकिल फ्रेंडली बनाने के लिए BMC और राज्य सरकार योजना भी चला रहे हैं। मुंबई के BKC में सहित अन्य इलाकों में भी साइकिल ट्रैक बनाने की योजना चल रही है, बल्कि कई जगहों पर बनाए भी गये हैं।

मुंबईकरों को फिट रखने और प्रदूषण कम करने के उद्देश्य से मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (MMRDA) ने कुर्ला-बीकेसी-बांद्रा के बीच साइकिल सेवा शुरू की गयी थी। इस इलाके में जहां बड़े-बड़े ऑफिसों के कार्यालय है वहां पर ट्रैफिक और भीड़ को कम करने के लिए साइकिल ट्रैक बनाया जा रहा है. ताकि लोग जल्द ही साइकिल से ऑफिस पहुंचते नजर आएंगे। 

बताया जाता है कि BMC जल्द ही मुंबई में पब्लिक शेयरिंग आधार पर साइकल योजना की शुरुआत करेगी। निजी कंपनियां किराए पर साइकिल देगी, जिसका उपयोग ऐप के जरिए होगा। इसके लिए साइकल स्टैंड चिन्हित करने का काम चल रहा है। साथ ही मुंबई में साइकल पार्किंग के लिए कई स्थानों पर जगह चिन्हित की जा रही हैं। काला-घोड़ा में ऐसी ही एक जगह है, जहां साइकल पार्क की जा सकती है। भविष्य में BMC के पार्किंग स्थलों पर 5 प्रतिशत जगह साइकल वालों के लिए आरक्षित की जाएगी।

आंकड़ों के अनुसार नौकरी व व्यावसायिक कार्यों के लिए रोजाना करीब 20 लाख लोग बीकेसी आते हैं। महानगर के विभिन्न इलाकों से रोजाना करीब 20 हजार वाहन बीकेसी आते हैं। पिछले साल नवी मुंबई महानगर पालिका ने नेरुल में किराए पर साइकिल देने की योजना शुरू की थी। पालिका को इस पहल का अच्छा प्रतिफल मिला था। नवी मुंबई में अभी तक करीब 1 लाख लोग साइकिल किराए पर ले चुके हैं।

बीकेसी में  6 करोड़ रुपये खर्च करके साइकिल ट्रैक तैयार किया गया था, लेकिन ट्रैक पर अवैध पार्किंग और कब्ज़ा होने की वजह से योजना सफल नहीं हो पाई थी। लेकिन अब इस पर बीएमसी फिर से काम करेगी।

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