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Mumbai Rains: इस सीजन में अब तक 1000 मिमी से अधिक हुई बारिश

तेज बारिश से मुंबईकारों को भले ही गर्मी से निजात मिल गयी हो लेकिन शहर और उपनगरों के कई इलाकों में लोगों को जल-जमाव का सामना करना पड़ा। ऊपर से तेज हवाओं ने लोगों की मुसीबत को और बढ़ा दिया था।

Mumbai Rains: इस सीजन में अब तक 1000 मिमी से अधिक हुई बारिश
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देर आए दुरुस्त आए, यह कहावत इस बार मुंबई के मानसून (mumbai monsoon) पर बिलकुल फिट बैठती है। कोलाबा और सांता क्रूज़ वेधशालाओं के अनुसार इस मानसून में अब तक 1,000 मि.मी बारिश हो चुकी है। बुधवार को मौसम विभाग की तरफ से मुंबई, नवी मुंबई, ठाणे और पालघर के लिए ग्रीन अलर्ट (green alert) जारी किया गया था।

शहर में पिछले 3 दिनों से लगातार हो रही बारिश बुधवार को थम गई। भारत मौसम विज्ञान (IMD) विभाग ने बुधवार को कोलाबा और सांताक्रूज वेधशालाओं में क्रमशः 5.4 मिमी और 11.8 मिमी बारिश दर्ज की। इसके पहले 3 दिन जो मूसलाधार बारिश हुई थी उसके कारण, मुंबई के निचले इलाकों में बाढ़ की स्थिति (water logging in mumbai) बन गई थी।  

तेज बारिश से मुंबईकारों को भले ही गर्मी से निजात मिल गयी हो लेकिन शहर और उपनगरों के कई इलाकों में लोगों को जल-जमाव का सामना करना पड़ा। ऊपर से तेज हवाओं ने लोगों की मुसीबत को और बढ़ा दिया था। मौसम विभाग ने समुद्र में 4 मीटर ऊंची हाईटाइड (high-tide) के आने की भी चेतावनी जारी की थी। लॉकडाउन (lockdown) और बारिश के कारण लोग अपने घरों में ही दुबके रहे। अच्छी बात यह रही कि कही से भी कोई हादसा या दुर्घटना की कोई खबर नहीं आई। हां, एक दो इलाके में पेड़ों के गिरने की खबर सामने आई।

 पिछले दिनों, ठाणे में शनिवार को अधिकतम 213.3 मिमी बारिश हुई थी।  इसके अलावा, कांदिवली में भी भारी बारिश देखी गई जो 184.3 मि.मी दर्ज की गई।

कोरोनावायरस (Coronavirus) के प्रकोप के साथ, जब शहर इस संक्रामक बीमारी से संघर्ष कर रहा है, तो मानसून की शुरुआत लोगों के लिए सामाजिक दूर जैसे मानदंडों को बनाए रखना और मुश्किल हो जाता है।

इसके अलावा इस मानसून में डेंगू (dengue) और मलेरिया (malaria) जैसी बीमारी भी सामने आती हैं। यानी एक तरह से प्रशासन को एक साथ दो मोर्चों पर लड़ना पड़ रहा है। मुंबई में अब तक मलेरिया के 300 से अधिक केस, डेंगू के चार केस और एक केस लेप्टोस्पायरोसिस के सामने आ चुके हैं।

हालांकि बीएमसी (BMC) ने दावा किया है कि मुंबई में उन सभी संभावित स्थानों या चिन्हित किए गए स्थानों को साफ किया गया है या छिड़काव किया गया है जहां मच्छर के पनपने की संभावना थी। BMC के मुताबिक ऐसे 1,28,229 स्थानों को नष्ट किया गया जहां मच्छर या उनके लार्वा के पैदा होने की संभावना थी।

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