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मुंबई सहीत पूरे महाराष्ट्र में गणेशोत्सव को काफी धूम धाम के साथ मनाया जाता है। गणेशोत्सव के दौरा भक्त दूर दूर से मुंबई के दादर में स्थित सिद्धिविनायक मंदिर जरुर आते है। आखिर क्यों है सिद्धिविनायक मंदिर इतना मशहुर , आखिर क्यो लोग दूर दूर से आते है इस मंदिर में बप्पा के दर्शन करने, इस बारे में हम आपको बताते है कुछ रोचक तथ्य

216 साल पहले हुआ निर्माण -
सिद्धिविनायक मंदिर का निर्माण आज से 216 साल पहले हुआ था। मंदिर का निर्माण 1801 में विट्ठु और देऊबाई पाटिल ने किया था।

भारतीय कलाकरी का नायब नमूना -
मंदिर के निर्माण के वक्त भारतीय कालकारी पर पूरा ध्यान रखा गया था। समय समय के साथ मंदिर का परिसर बढ़ता गया लेकिन भारतीय संस्कृत की झलक के साथ कभी भी समझौता नहीं किया गया। गर्भगृह के दरवाजों पर भी सूक्ष्म शिल्पकारी की गई है ।

छतों को सोने की परतों से सजाया -
मंदिर में जहा बप्पा को स्थापित किया गया है वहां अंदर की छतों को सोने की परतों से सजाया गया है। साथ ही आधूनिक दौर में मंदिर को पूरी तरह से सीसीटीवी से लैस कर दिया गया है।

चतुर्थी से अनंत चतुर्दशी तक विशेष समारोह का आयोजन-
मंदिर में हर साल चतुर्थी से अनंत चतुर्दशी तक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है। सांस्कृतिक कार्यक्रमो से लेकर भजन किर्तन तक इस समारोह में किया जाता है।

सबसे अमीर मंदिरों में होती है गिनती-
सिद्धिविनयाक मंदिर को देश के अमीर मंदिरो में गिना जाता है। मंदिर की वार्षिक आय 46 करोड़ रूपये है साथ ही सिद्धिविनयक मंदिर के 125 करोड़ रूपये फिक्स्ड डिपाजिट में जमा है।


मन्नतो के देवता-
सिद्धिविनायक गणपति मंदिर के बारे में कहा जाता है की ये मन्नतो के देवता है। भक्तो का विश्वास है की इस मंदिर में मांगी जानेवाली मन्नते बप्पा पूरी करते है , इसके लिए भक्त देश के कोने कोने से इस मंदिर में दर्शन के लिए आते है।

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