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यूपी में ही नहीं मुंबई में भी HIV संक्रमित इंजेक्शन का शिकार होते हैं लोग


यूपी में ही नहीं मुंबई में भी HIV संक्रमित इंजेक्शन का शिकार होते हैं लोग
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अभी हाल ही में उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले के बांगरमऊ कस्बे में बेहद ही चौंकाने वाली घटना सामने आई थी, जिसके अनुसार एक झोलाछाप डॉक्टर द्वारा कई लोगों को HIV (ह्यूमन इम्यूनोडिफीसिअन्सी वायरस) संक्रमित सुई लगाने के कारण सभी HIV जैसी जानलेवा बीमारी की चपेट में आ गए हैं। आपको यह जानकर काफी हैरानी होगी कि यह घटना केवल बांगरमऊ जैसे पिछले इलाके में ही नहीं घटित होते है बल्कि मुंबई जैसे इंटरनेशनल शहर में भी ऐसे मामले सामने आते हैं। एक स्वायत्त निकाय एडैक्स (मुंबई डिस्ट्रिक्ट एड्स कंट्रोल सोसायटी) के अनुसार पिछले 5 सालो में 150 से ज्यादा लोग इसीलिए HIV की चपेट में आ गये क्योंकि उन्होंने ने भी HIV संक्रमित इंजेक्शन का यूज किया था।


मामला में हुई कमी लेकिन अभी भी चिंताजनक  

इस मामले को अंग्रेजी अखबार TOI ने भी प्रमुखता से छापा है। अखबार के मुताबिक़ एडैक्स के आंकड़े कहते हैं कि 2012 से लेकर 2017 के बीच में 181 लोग HIV संक्रमित इंजेक्शन इस्तेमाल करने के कारण HIV से पीड़ित हो गए। हालंकि रिपोर्ट में आगे यह भी कहा गया है कि इस मामले में उत्तरोत्तर गिरावट भी दर्ज हुई है। 2012-13 में जहां मुंबई में 50 लोग HIV संक्रमित इंजेक्शन के कारण एचआईवी का शिकार हुए थे तो साल 2017 तक यह संख्या कागि घट कर मात्र 17 रह गई। अगर बीमारी की गम्भीरता को देखे तो यह मामला भी काफी गंभीर है।


नशे का इंजेक्शन सबसे अधिक खतरनाक

यहां आपको स्पष्ट कर दें कि संक्रमित सुई लगाने का यह मामला डॉक्टर और मरीज के बीच नहीं हुआ है बल्कि यह मामला सक्रमित सुइयों के द्वारा नशा करने की वजह से हुआ है। एडैक्स एक एक अधिकारी के अनुसार मुंबई में इंजेक्शन की वजह से स्वस्थ व्यक्तियों में फैलने वाला एचआईवी एक दम न के बराबर है। अधिकारी के मुताबिक़ नशा करते समय अलग अलग लोगों द्वारा एक ही इंजेक्शन का उपयोग कई बार किया जाता है, इससे संक्रमित व्यक्ति के द्वारा यूज किया गया इंजेक्शन यदि स्वस्थ व्यक्ति भी करता है तो वह भी HIV की जद में आ जाता है। 


असुरक्षित यौन संबंध और संक्रमित खून भी है जिम्मेदार  

चिंताजनक बात तो यह है कि सरकार सहित अन्य प्राइवेट संस्थाओ द्वारा बार-बार जागरूकता अभियान चलाये जाने के बाद भी असुरक्षित यौन संबंध बनाए की वजह से एचआईवी के मरीजों की संख्या सबसे अधिक है। आंकड़ों के अनुसार  पिछले 5 वर्षों में लगभग 40 हजार से ज्यादा एचआईवी के मामले इसी वजह से सामने आए हैं मतलब असुरक्षित यौन संबंध बनाने की वजह से। इसके अलावा 100 से अधिक मामले HIV संक्रमित खून के चढ़ाए जाने की वजह से भी सामने आए हैं।

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