मां ने डॉक्टर को जगाया बदले में डॉक्टर ने फोड़ दिया छह साल के बच्चे का सिर


मां ने डॉक्टर को जगाया बदले में डॉक्टर ने फोड़ दिया छह साल के बच्चे का सिर
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भगवान का दर्जा पाने वाले डॉक्टर क्या इतने निर्दयी होते हैं कि एक छोटी सी बात को लेकर छह साल के बच्चे का सिर फोड़ दें। आप यकीन नहीं करेंगे लेकिन यह हुआ है मुंबई के सेंट जॉर्ज हॉस्पिटल में। बच्चे की गलती मात्र इतनी थी कि जब डॉक्टर उसका चेकअप करने पहुंचा तो बच्चा सोया हुआ था। अब इसे इंसानियत का गिरता स्तर कहें या फिर डॉक्टरों का खोता हुआ मानसिक संतुलन। मामले की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल ने डॉक्टर को छुट्टी पर भेज दिया।


 क्या था मामला?
मिली जानकारी के मुताबिक मुकेश गुप्ता अपने छह साल के बच्चे सूर्यांश का इलाज करवाने के लिए उसे सेंट जॉर्ज अस्पताल में भर्ती किया था। सूर्यांश का हाथ और पैर अपने आप कांपता था। मुकेश के अनुसार रविवार रात को पौने 9 बजे ऑन ड्यूटी डॉक्टर गौरव मौर्या उपस्थित था। जब डॉक्टर गौरव सूर्यांश का चेकअप करने के लिए आया तो सूर्यांश सो रहा था। बच्चे को सोता देख दौरव वापस लौट गया।


बच्चे को मार कर दिया घायल 
रात लगभग 12:30 के आसपास सूर्यांश की मां डॉ. गौरव के पास पहुंची तो गौरव सो रहा था। सूर्यांश की मां ने गौरव को जगाया और सूर्यांश का चेकअप करने की मिन्नतें करने लगी ताकि सुबह रिपोर्ट मिल सके। नींद से जगाने पर डॉ. गौरव को गुस्सा आ गया। जब वह सूर्यांश के पास पहुंचा तो वह सो रहा था। यह देख गौरव आगबबूला हो गया। उसने न आव देखा न ताव, छोटे से बच्चे के सिर पर टॉर्च मार कर उसका सिर फोड़ दिया जिससे उसके सिर में एक बड़ा सा घाव हो गया। यही नहीं मुकेश के मुताबिक गौरव ने सूर्यांश के शरीर के अन्य भाग पर भी मारा। जब बच्चे के सिर में से खून निकलने लगा तो तीन टांका लगाने के बजाय मात्र एक टांका लगा कर छोड़ दिया।


'पुलिस दोषियों पर कर कार्रवाई'
इस मामले में आरटीआई कार्यकर्त्ता और सामाजसेवा करने वाले संजय गुरव का कहना है कि जब बच्चे के पिता मुकेश गौरव के खिलाफ शिकयत दर्ज करवाने MRA पुलिस स्टेशन पहुंचे तो पुलिस ने केवल घटना (APR) दर्ज कर लिया। गुरव ने मांग की है कि पुलिस एफआईआर दर्ज करे और अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज की भी जाँच करे। गुरव के मुताबिक इस घटना की खबर अस्पताल के सीनियर डॉक्टरों को है ही नहीं।


घटना की शिकायत हमने अस्पताल प्रशासन से की लेकिन संबंधित डॉक्टर पर कार्रवाई करने के बजाय वे केवल माफ़ी मांग रहे हैं। पुलिस ने भी केवल एपीआर दर्ज किया है। अभी तक केस दर्ज नहीं किया गया है।
- मुकेश कुमार गुप्ता

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