डॉक्टरों की हड़ताल तीन दिन बाद भी जारी, मरीज कर रहे मुसीबत का सामना

पिछले शनिवार को एक मरीज की मौत हो जाने के बाद उसके परिजनों ने नाराज होकर जेजे अस्पताल के रेजिडेंस डॉक्टरों से मारपीट की थी जिससे दो डॉक्टरों की काफी चोटें आयीं थीं। इस बात से आक्रोशित होकर जेजे के रेजिडेंस डॉक्टरों ने सुरक्षा की मांग करते हुए अनिश्चितकालीन हड़ताल कर दी।

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पिछले तीन दिनो से जारी जेजे अस्पताल के रेजिडेंस डॉक्टरों की हड़ताल से मरीज हलकान हो रहे हैं। जेजे अस्पताल के डॉक्टरों की इस हड़ताल को अब सायन और केईएम अस्पताल के डॉक्टरों का भी समर्थन मिल गया है। यही नहीं तीसरे दिन भी 'मार्ड' के प्रतिनिधियों से स्वास्थ्य शिक्षा मंत्री गिरीश महाजन ने बैठक की, लेकिन बैठक बेनतीजा साबित हुई।  

 
क्यों जारी है हड़ताल 
आपको बता दें कि पिछले शनिवार को एक मरीज की मौत हो जाने के बाद उसके परिजनों ने नाराज होकर जेजे अस्पताल के रेजिडेंस डॉक्टरों से मारपीट की थी जिससे दो डॉक्टरों की काफी चोटें आयीं थीं। इस बात से आक्रोशित होकर जेजे के रेजिडेंस डॉक्टरों ने सुरक्षा की मांग करते हुए अनिश्चितकालीन हड़ताल कर दी।



'तीन दिन से नहीं मिली है रिपोर्ट'
अब डॉक्टरों की इस हड़ताल से मरीज काफी परेशान हो रहे हैं। एक महिला ने अपनी व्यथा बताते हुए कहा कि वह तीन दिनों से अपनी गर्भवती बेटी का चेकअप के रिपोर्ट के लिए जेजे अस्पताल आ रही है। यही नहीं वह सोमवार को भी सुबह 10 बजे से जेजे अस्पताल ने बैठी है और शाम हो गयी लेकिन अभी तक रिपोर्ट नहीं मिली है। महिला ने आगे कहा कि रिपोर्ट मिलने के बाद उसकी लड़की का आगे का इलाज शुरू हो सकेगा। महिला के मुताबिक़ डॉक्टरों को मरीजों की स्थिति को समझना चाहिए।


 'पत्नी की इलाज की सख्त जरूरत' 
नांदेड़ से अपनी पत्नी का इलाज करवाने आये सखाराम कदम कहते हैं कि वह दहिसर में पिछले एक हफ्ते से अपने भाई के घर में रह रहे हैं। आज तक उन्हें डॉक्टरों का ओपॉइन्टमेन्ट नहीं मिल पाया है वे तीन दिनों से चक्कर काट रहे हैं। कदम के अनुसार अगर उनके पत्नी का इलाज समय पर नहीं किया गया तो उसकी तबियत और भी ख़राब हो सकती है।

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