क्या आप जानते हैं, कुत्ते भी करते हैं 'रक्तदान'


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बॉलीवुड के हीमैन यानी धर्मेंद का सबसे पुराना डायलॉग याद है आपको, अरे वही 'कुत्ते मैं तेरा खून पी जाऊँगा'। इस डायलॉग ने धर्मेंद्र जितना फेमस हुए उतना शायद कुत्तों का खून भी क्योंकि इस डायलॉग पर बहुत सारे जोक्स भी बन चुके हैं। लेकिन अब आपको जो खबर हम बताने जा रहे है उसे सुनकर आपको इन कुत्तों और उनके खून के प्रति और भी इज्जत बढ़ जायेगी। आप माने या माने, अगर आपके घर में कोई पालतू कुत्ता है और दुर्घटनावश उसे कभी खून की जरुरत पड़ती है तो खून कहां से आता है? आप सुनकर चौंक जाएंगे कि यह खून पालतू नहीं बल्कि आवारा कुत्तों से लिया जाता है।

सुनने में भले ही आपको यह अजीब लगे लेकिन परेल स्थित जानवरों के अस्पताल बाई साकरबाई दिनशॉ पेटिट हॉस्पिटल फॉर एनिमल्स हॉस्पिटल पिछले 4 सालों से आवारा कुत्तों से 'रक्तदान' करवा रहा है। इस अस्पताल ने अब तक 95 आवारा कुत्तों से रक्त लिया और जरुरत मंद पालतू कुत्तों को दिया।

आवारा कुत्ते करते हैं रक्तदान 

टाइम्स में छपे लेख के अनुसार गली मुहल्लों में घूमने वाले आवारा कुत्तों से रक्त लेकर जमा किया जाता है जो बाद में उन पालतू कुत्तों किसी को चढ़ाया जाता है जो किसी बीमारी या फिर एक्सीडेंट के कारण जिनमने खून की कमी आ जाती है। लेख के मुताबिक़ इन आवारा कुत्तों के खून से यहां अब तक सैकड़ों कुत्तों को नई जिंदगी की सौगात मिल चुकी हैं। 

टाइम्स से बात करते हुए अस्पताल के प्रमुख डॉक्टर जे.सी. खन्ना ने बताया कि जब कोई आवारा कुत्ता सड़क दुर्घटना में घायल होकर या फिर किसी बीमारी के कारण यहां आता है तो हम उसका इलाज करते हैं और ठीक हो जाने के बाद उसे यहीं रखा जाता है। यही नहीं यही कुत्ते जब किसी दूसरे कुत्ते को खून की जरूरत पड़ती है तो रक्तदाता बनते हैं।

 कितना लिया जाता है रक्त 

खन्ना रक्तदान के बारे में बताते हुए कहते कि एक साल से लेकर 7 साल तक का कोई भी स्वस्थ कुत्ता रक्तदान कर सकता है। खन्ना के अनुसार एक कुत्ते से एक बार में एक यूनिट यानी 350 मिलीलीटर ही रक्त लिया जा सकता है और रक्तदान के 45 दिन तक कुत्ते से दोबारा खून नहीं लिया जा सकता।

इन कुत्तों को होती है जरुरत 

डॉक्टर के अनुसार कुछ खास प्रजाति के कुत्तों को इसकी रक्त की जरूरत रहती है। इनमें लैब्राडॉर, जर्मन शेफर्ड और डॉबरमैन जैसे कुत्ते शामिल हैं जिनमें अक्सर खून की कमी (अनीमिया) की शिकायत होती है। नतीजतन, कई बार इन्हें खून चढ़ाना होता है।

6 महीने तक सुरक्षित रहता है खून

डॉक्टर ने आगे कहा कि इंसानों की तुलना में कुत्तों का खून अधिक दिनों तक चलता है। इसे 6 महीने तक सुरक्षित रखा जा सकता है. इंसानों की तरह कुत्तों के खून में भी प्लेटलेट्स, प्लाज्मा, आरबीसी व डब्ल्यूबीसी होते हैं। इनमें तीन तरह के ग्रुप होते हैं, जिन्हें टी, ओ और जी कहते हैं। 

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