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कोरोना ने जवानों को भी नहीं छोड़ा, छोटी उम्र वाले युवा भी हो रहे हैं संक्रमित

रिपोर्ट के अनुसार, डॉक्टरों ने शहर के इन युवाओं की मौतों का प्रमुख कारण मोटापा, मधुमेह, स्वास्थ्य की जांच में देरी और चिंताजनक बीमारियों जैसे अनेक कारण बताया है।

कोरोना ने जवानों को भी नहीं छोड़ा, छोटी उम्र वाले युवा भी हो रहे हैं संक्रमित
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मार्च महीने में देश भर में कोरोना वायरस (Coronavirus) संक्रमण के फैलने के बाद से मुंबई शहर सबसे बुरी तरह प्रभावित हुआ है। नागरिक निकाय (BMC) और स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा कई लॉकडाउन (lockdown) में अथक परिश्रम और उपायों के बाद शहर में कोरोना (Covid-19) कुछ (Corona patient) कंट्रोल हुआ है।

हालांकि, कोरोना वायरस (Coronavirus) अभी भी अपना कहर दिखा रहा है। भले ही अनलॉक 3.0 (unlock 3.0) शुरू हो गया है, लेकिन मुंबईकरों का जीवन अभी तक सामान्य स्थिति में नहीं आया है।

टाइम्स ऑफ इंडिया में एक रिपोर्ट के अनुसार, COVID-19 से मरने वाले 20-39 आयु वर्ग के युवाओं की संख्या मुंबई (Coronavirus in mumbai) में 381 तक पहुंच गयी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि मरने वाले 100 युवा ऐसे हैं जिनकी आयु 20 साल है जबकि 30 में साल के युवाओं के मरने की संख्या 281 तक जा पहुंची है।

रिपोर्ट के अनुसार, डॉक्टरों ने शहर के इन युवाओं की मौतों का प्रमुख कारण मोटापा, मधुमेह, स्वास्थ्य की जांच में देरी और चिंताजनक बीमारियों जैसे अनेक कारण बताया है।

रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि मृत्यु दर के संदर्भ में, 20 से 29 आयु वर्ग में मृत्यु दर 1 प्रतिशत से कम है और 30 से 39 आयु वर्ग में मृत्यु दर 1.3 प्रतिशत है।

इस बीच, मुंबई में COVID-19 के कुल केस बढ़कर 1,20,165 तक पहुंच गई है, जबकि मरने वालों की संख्या भी बढ़कर 6,645 हो गयी है।

बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार, शहर में लगभग 20,562 सक्रिय मामले हैं और 92,661 मरीज अब तक ठीक हो चुके हैं।

आंकड़ों को देखकर लगता है कि, लोगों के मन मे कोरोना को लेकर अभी भी कई भ्रांतियां हैं। मसलन युवाओं को कोरोना नहीं हो सकता क्योंकि उनमें इम्युनिटी अधिक होती है। लेकिन आंकड़ें बताते हैं कि इस पर फिर से विचार करने की जरूरत है।

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