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कोरोना के बढ़ते हुए केस को देखते हुए इलाकों को रेड, ग्रीन और ऑरेंज जोन में बांटा गया

BMC ने शहर भर में अब तक कुल 817 कंटेंनमेंट जोन चिन्हित किए हैं, जबकि इस हफ्ते की शुरुआत में इनकी संख्या मात्र 721 थी। इसे ध्यान में रखते हुए, अधिकारियों ने जोन को रेड, ऑरेंज और ग्रीन में जैसे तीन भागों में बांटा, ताकि प्रत्येक क्षेत्र में

कोरोना के बढ़ते हुए केस को देखते हुए इलाकों को रेड, ग्रीन और ऑरेंज जोन में बांटा गया
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महाराष्ट्र सहित मुंबई में लगातार कोरोना वायरस (COVID-19) के मामलों में वृद्धि हो रही है। इसे देखते हुए BMC ने शहर भर में अब तक कुल 817 कंटेंनमेंट जोन चिन्हित किए हैं, जबकि इस हफ्ते की शुरुआत में इनकी संख्या मात्र 721 थी। इसे ध्यान में रखते हुए, अधिकारियों ने जोन को रेड, ऑरेंज और ग्रीन में जैसे तीन भागों में बांटा, ताकि प्रत्येक क्षेत्र में जोखिम का आकलन करना आसान हो सके।

इन ज़ोन को लाल, नारंगी और हरे रंग के तहत चिह्नित किया गया है। इसके तहत लाल ज़ोन में COVID-19 संक्रमण के मरीज अधिक संख्या में मिलते हैं।

जबकि नारंगी यानी ऑरेंज जोन में भी मरीज मिलते हैं लेकिन उन्हें होम क्वारंटाइन के तहत घर पर ही रखा जाता है। यह लाल ज़ोन की तुलना में कम गंभीर वाले मामले होते हैं। जबकि हरे जोन में स्थिति पूरी तरह से कंट्रोल में होती है। ऐसे इलाके में मरीज न के बराबर पाए जाते हैं।

इस मामले पर बात करते हुए एक अधिकारी ने बताया, किसी विशेष क्षेत्र में गश्त करने के लिए कितने बीएमसी और पुलिस कर्मियों की जरूरत है, यह तय करने के लिए ज़ोन को वर्गीकृत करने की आवश्यकता थी। रेड जोन में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों की सबसे अधिक उपस्थिति की आवश्यकता होती है। 

इस समय मुंबई में 700 से अधिक इलाके रेड जोन में शामिल हैं। रेड जोन के इलाकों में अधिक सतर्कता की आवश्यकता इसीलिए भी महसूस की जाती है क्योंकि यहाँ केस तीसरे स्टेज में भी पहुंच जाने की संभावना बनी रहती है।

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