बलात्करी सोच वाले ही बना सकते हैं ऐसे एश्ट्रे !

 Mumbai
बलात्करी सोच वाले ही बना सकते हैं ऐसे एश्ट्रे !

स्मार्टफोन और फास्ट इंटरनेट सर्विस ने ऑनलाईन शॉपिंग को जमकर बढ़ावा दिया है। ऑनलाइन शॉपिंग साइट ऐमजन, फ्लिपकार्ट और स्नेपडील इसमें काफी आगे हैं। हालांकि मुझे ऑनलाइन शॉपिंग का बहुत ज्यादा शौख नहीं है। पर फिर भी एक दिन मैं ऐमजन साइट पर चली गयी। कुछ कपड़े देखते देखते मेरी नजर एक ऐसे प्रोडक्ट पर पड़ी जिसे देखकर मैं दंग रह गई। मैंने महिला के बदन के आकार का एश्ट्रे देखा, सिगरेट बुझाने के लिए महिला की योनी (वर्जाइना) बनाई गई थी। इसे देखकर मेरा खून खौल उठा। आखिर यह कैसी मानसिकता है? महिला की वर्जाइना पर सिगरेट बुझाने के लिए जो एश्ट्रे बना रहे हैं। उनकी सोच खतरनाक बलात्कारी से कम तो नहीं हो सकती और ऐमजन इस बेच रहा है। आखिर यह किस तरह की क्रिएटिविटी है? क्रिएटिविटी के नाम पर कुछ भी। जलती सिगरेट महिला की वर्जाइना में बुझाना। निश्चित रूप से ऐसी घटनाएं बलात्कार, शारीरिक और लैंगिक शोषण को बढ़ावा देती हैं।

यह पहली बार नहीं है, जब किसी विवादित प्रोडक्ट को ऐमजन ने अपनी वेबसाइट पर बेचा हो। इससे पहले भी ऐमजन ने विवाद पैदा करने वाले प्रोडक्ट बेचे हैं और मामले को तूल पकड़ते देख अपनी वेबसाइट से हटाया है।

भारतीय तिरंगे का डोरमैट

पिछले साल ऐमजन ने अपनी वेबसाइट में भारतीय तिरंगे वाले डोरमैट बेचे थे। उस समय भी जनता का खून खौला था। बिना देरी किए विदेश मंत्री सुषमा स्वराज आगे आईं थी और ऐमजन को इसके लिए माफी मांगने के लिए कहा था साथ ही वेबसाइट से तत्काल तिरंगे वाले डोरमैट हटाने का आदेश दिया था। साथ ही सुषमा स्वराज ने धमकी देते हुए कहा था कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो ऐमजन की इंडिया में होने वाली बिक्री पर रोक लगा दी जाएगी। इसके बाद ऐमजन ने अपनी वेबसाइट से इसे हटा दिया था और देश की जनता से माफी भी मांगी थी।

गांधी के फोटो वाले चप्पल

ऐमजन ने बेशर्मी की हद पार करते हुए राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की फोटो वाली चप्पल भी बेची हैं। उस समय भी जनता का खून खौला था, गुस्साई जनता को देख ऐमजन ने इन चप्पलों को अपनी बेवसाइट से हटा दिया था।

अंग्रेज चले गए और ऐमजन के लिए सॉरी छोड़कर गए। पर आखिर ऐमजन का यह खेल कब तक चलेगा। देश को अपमानित करने वाले प्रोडक्ट वेबसाइट में बेचने के लिए डालना बाद में उन्हें वेबसाइट से निकालना और सॉरी बोल देना मामला समाप्त। आखिर यह कब तक चलेगा? सरकार को चाहिए कि ऐसी मानसिकता वाली बेवसाईट के खिलाफ कड़े कदम उठाए।

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