पिछले कर्मों में छिपे हैं कष्ट

मुंबई - सद्गुरू कहते हैं कि आपके कष्टों और परेशानियों का कारण कोई भी व्यक्ति नहीं हो सकता। आपके कष्टों के कारण तो आपके पिछले कर्मों में छिपे हैं। इसलिए इन कष्टों को शांति से भुगत लें उसके बाद आने वाला वक्त बहुत आनंदपूर्ण होगा। आपके आज के अच्छे कर्म आपका भविष्य अच्छा बनाएंगे। यदि बार-बार दुर्घटनाएं होती हों, शरीर में चोट लगती हो तो एक उपाय करें शनिवार के दिन किसी भी वृद्ध आश्रम या विधवा आश्रम में जाकर सेवा करें और वहां पर वृद्धों के पैर की दसों उंगलियों का स्पर्श अपने हाथों की दसों उंगलियों से करें चमत्कारिक रूप से लाभ होगा।

Loading Comments