मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष के लिए सिर फुटौव्वल!

साल 2022 में बीएमसी चुनाव होनेवाले है और कांग्रेस ने अभी तक अपने मुंबई अध्यक्ष के नाम का एलान नहीं किया है

मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष के लिए सिर फुटौव्वल!
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गुरुवार को बीजेपी ने बीएमसी में अपने गटनेता और विरोध पक्ष नेता की नाम की घोषणा कर दी।  विनोद मिश्रा को बीएमसी में पार्टी का गटनेता चुना गया है तो वही नगरसेवक प्रभाकर शिंदे को बीएमसी में विरोधी पक्ष नेता बनाया गया है। इसके साथ ही पार्टी ने बीएमसी में कई और नेताओं का भी चयन किया है। इसके साथ ही बीजेपी ने महाराष्ट्र और मुंबई के अध्यक्षों के नाम की भी घोषणा कर दी है।  जहां चंद्रकांत पाटिल को फिर से महाराष्ट्र बीजेपी का अध्यक्ष बनाया गया है तो वही दूसरी ओर मंगलप्रताप लोढ़ा को फिर से मुंबई बीजेपी की कमान सौपी गई है।  जहां एक ओर बीजेपी ने अपने मुंबई अध्यक्ष के नाम का एलान कर दिया है तो वही दूसरी ओर कांग्रेस में अभी भी मुंबई अध्यक्ष को लेकर सिर फुटोव्वल जारी है। 

2022 में बीएमसी चुनाव
मुंबई में साल2022 में बीएमसी चुनाव होनेवाले है। लिहाजा बीजेपी ने अभी से ही तैयारियां शुरु कर दी है। बीएमसी में बीजेपी ने विरोधी पक्ष का दावा किया है।  विरोधी पक्ष का दावा पेश करने के साथ ही बीजेपी ने साफ कर दिया की आनेवाले बीएमसी चुनाव में बीजेपी अकेले ही उतरेगी।  आपको बता दे की विधानसभा चुनाव के बाद शिवसेना ने बीजेपी का साथ छोड़कर कांग्रेस और एनसीपी के साथ मिलकर सरकार बना ली। लिहाजा बीजेपी ने अब बीएमसी में भी  अकेले लड़ने का मन बना लिया है। 

कई नेताओं का नाम रेस में

अभी फिलहाल एकनाथ गायकवाड (eknath gaikwad) मुंबई कांग्रेस के एक्टिंग प्रेसिडेंट(acting president) है। खबरों के मुताबिक भाई जगताप (bhai jagatap)और चरण सिंह सापरा(charan singh sapra) मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष पद के दावेदार हैं। इसके साथ ही राजू वाघमारे और सचिन सावंत का नाम भी मुंबई कांग्रेस के रेस में है। 2022 के मुंबई मनपा चुनाव(BMC Election) के मद्देनजर मुंबई कांग्रेस को एक नए अध्यक्ष की जरुरत है। कभी कांग्रेस का गढ़ रहे देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में फिलहाल पार्टी की हालत अच्छी नहीं है।


2014 के मोदी लहर के चलते हिंदी भाषियों खासकर उत्तरभारतीयों(North indian) ने कांग्रेस का साथ क्या छोड़ा महानगर में पार्टी की हालत खस्ता हो गई। उत्तर भारतीय वोटर्स कांग्रेस का रुख छोड़कर शिवसेना और बीजेपी का रुख कर लिया। कांग्रेस को फिर से इन वोट बैंक को अपने पास लाने की जरुरत है , लिहाजा एक बार फिर से मुंबई कांग्रेस को आक्रामक रुख रखनेवाले अध्यक्ष की जरुरत है। 

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