पंकजा मुंडे बैठक में गैर हाजिर तो एकनाथ खडसे कर रहे विपक्ष के बड़े नेताओं से मुलाकात, क्या करेगी बीजेपी?

खडसे ने सोमवार को दिल्ली जाकर एनसीपी सुप्रीमों शरद पवार से मुलाकात की। दोनों के बीच करीब आधे घंटे तक बात चीत हुई। पूर्व मंत्री प्रकाश मेहता भी पंकजा से मिलने पहुंचे थे, दोनों के बीच क्या बात हुई अभी तक इसका पता नहीं चल पाया है।

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बीजेपी की सोमवार को औरंगाबाद में हुई पार्टी की क्षेत्रीय बैठक के दौरान जब पंकजा मुंडे नहीं दिखाईं दी तो फिर से सवाल उठने लगे कि क्या पंकजा अभी भी पार्टी से नाराज चल रही हैं? जब इस बाबत महाराष्ट्र बीजेपी के अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल से पत्रकारों ने पूछा कह कर भरपाई करने की कोशिश की कि, वह स्वस्थ महसूस नहीं कर रही थीं, जिस कारण वह नहीं आ सकीं। बता दें कि ऐसी खबर है कि पंकजा 21 अक्टूबर को हुए विधानसभा चुनावों में हार के बाद से ही पार्टी के सीनियर नेताओं से नाराज चल रही हैं, ऐसा संकेत उन्होंने अपनी एक फेसबुक पोस्ट में  भी दिया था।  

पंकजा हैं नाराज?
बीजेपी के दिवंगत नेता गोपीनाथ मुंडे की बेटी पंकजा मुंडे के बैठक में न आने से संबंधित प्रश्न जब पत्रकारों ने चंद्रकांत पाटिल से पूछा तो उन्होंने कहा,  ‘बैठक के लिए औरंगाबाद आने से पहले मैंने पंकजा मुंडे से बात की थी, वह बीमार हैं। साथ ही वह 12 दिसंबर को होने वाली रैली के लिए तैयारियां भी कर रही हैं। पंकजा ने हमे पहले ही सूचित कर दिया था कि वे  स्वास्थ्य के कारण अनुपस्थित रहेंगी।’ 

हालांकि इसके पहले पूर्व मंत्री प्रकाश मेहता भी पंकजा से मिलने पहुंचे थे, दोनों के बीच क्या बात हुई अभी तक इसका पता नहीं चल पाया है।

आपको बता दें कि अभी कुछ दिन पहले पंकजा ने अपने फेसबुक पोस्ट के द्वारा महाराष्ट्र की राजनीती में खलबली मचा दी थी। यही नहीं उन्होंने अपने ट्विटर हैंडल से ‘बीजेपी’ शब्द भी हटा दिया, जिससे बीजेपी में उनके भविष्य को लेकर कयास लगाए जाने लगे थे। हालांकि, बाद में पंकजा मुंडे ने स्पष्ट किया कि वह बीजेपी नहीं छोड़ रही हैं।  

एकनाथ खडसे की दबाव नीति
महाराष्ट्र बीजेपी के सीनियर नेताओं से नाराज होने वाली लिस्ट में पंकजा के अलावा महाराष्ट्र के दिग्गज नेता एकनाथ खडसे भी शामिल हैं। खडसे ने आरोप लगाया था कि महाराष्ट्र बीजेपी पिछड़े जाति के नेताओं के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है।  खडसे के मुताबिक उन्हें पार्टी से दरकिनार कर दिया गया है। उनका कहना है की, मैं कई वर्षों से पार्टी के साथ मिलकर काम कर रहा हूं, पार्टी ने मुझे बहुत कुछ दिया है, लेकिन अब मैं खुद को पार्टी में अकेला और उपेक्षित महसूस कर रहा हूं। उन्होंने आगे कहा कि, मुझे जानबूझ कर निशाना बनाया जा रहा है। अब मुझे पार्टी की निर्णय प्रक्रिया से भी हटा दिया गया है। मेरे पास कोर कमेटी में भी जगह नहीं है।

यही नहीं खडसे ने सोमवार को दिल्ली जाकर एनसीपी सुप्रीमों शरद पवार से मुलाकात की। दोनों के बीच करीब आधे घंटे तक बात चीत हुई। इसके अलावा वे मंगलवार को शिव सेना के कार्यकारी अध्यक्ष और मुख्यमंत्री उध्दव ठाकरे से भी मिल सकते हैं।

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