महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव - मालाड विधानसभा


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मुंबई उपनगर में स्थित मालाड मुंबई का सबसे भीड़भाड़वाला इलाका है।  इस इलाके से मौजूदा विधायक कांग्रेस के अस्लम शेख है। उत्तर मुंबई में एकमात्र मलाड पश्चिम की सीट कांग्रेस के पास है। उत्तर मुंबई में मालाड को छड़ोकर बाकी सभी सीटों पर शिवसेना का कब्जा है।  


दो बार के विधायक  

मौजूदा विधायक अस्लम शेख इस इलाके से दो बार विधायक है।  साल 2009 और साल2014 के विधानसभा चुनाव में उन्होने जीत दर्ज की।  पिछले चुनाव मेंभाजपा के डॉ राम बारोट को अस्लम शेख ने  मात्र 2,000 वोटों से हराया था।  जिसके कारण इस बार उन्हे अपनी जीत इतनी आसान नहीं दिख रही है। आपको बता दे की साल 2014 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी और शिवसेना ने अलग अलग चुनाव लड़ा था। जिसके कारण अस्लम शेख को जीत मिली। इस मतदार संघ से अस्लम शेख 1997 से 2002 तक सामजवादी पार्टी के नगरसेवक थे। हालांकी बाद में उन्होने कांग्रेस में प्रवेश कर लिया। साल 2002 से 2007तक वह कांग्रेस से नगरसेवक रहे।

इलाके में कांग्रेस से सबसे ज्यादा नगरसेवक

मालाड पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में फिलहाल कांग्रेस के सबसे ज्यादा नगरसेवक है।  इस विधानसभा में कांग्रेस के 3 , शिवसेना के और मनसे के 1 नगरसेवक है।   

दोनों बार बीजेपी उम्मीदवार को दी मात

साल 2009 के विधानसभा चुनाव में अस्लम शेख ने बीजेपी के उम्मीदवार आरयु. सिंह को  27 हजार 695 मतों से हराया था तो वही साल 2014 के विधानसभा चुनाव में  बीजेपी के ही  डॉ राम बारोट  को सिर्फ 2200 वोटों से हराया था।   साल 2014 के विधानसभा चुनाव मे शिवसेना के उम्मीदवार  डॉ विनय जैन को 17 हजार 888 मत मिले थे।  

बीजेपी की भी नजर  

साल 2014 का विधानसभा चुनाव शिवसेना और बीजेपी ने अलग अलग लड़ा था। लिहाजा दोनों ही पार्टियों के अलग अलग चुनाव लड़ने का फायदा अस्लम शेख को मिला था। लेकिन इस बार बीजेपी इस सीट पर अपना कब्जा चाहती है। बीजेपी ने इस बार इस इलाके से रमेश सिंह ठाकूर को टिकट दिया है।

लोकसभा चुनाव के बाद बदला गणित

हाल के लोकसभा चुनावों में मालाड पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में गठबंधन के उम्मीदवार गोपाल शेट्टी को लगभग 88,865 वोट मिले। जबकी कांग्रेस की उम्मीदवार उर्मिला मातोंडकर को मालाड पश्चिम विधानसभा क्षेत्र  में 68 हजार 838 वोट मिले। जबकी साल 2009 के लोकसभा चुनाव में तब के बीजेपी उम्मीदवार को इस इलाके में 72 हजार मत मिले थे। 2009 और 2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी के मत में 18000 मतों की बढ़ोत्तरी हुई।   


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