महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव- किस पार्टी के घोषणापत्र में क्या है खास!

कांग्रेस और एनसीपी ने जहा एक साथ मिलकर घोषणापत्र जारी किया तो वही दूसरी ओर एक साथ चुनाव लड़ रहे बीजेपी और शिवसेना ने अलग अलग घोषणापत्र जारी किया।

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राज्य़ में होनेवाले विधानसभा चुनाव के लिए सभी पार्टियों ने अपने घोषणापत्र का एलान कर दिया है। कांग्रेस और एनसीपी ने जहा एक साथ मिलकर घोषणापत्र जारी किया तो वही दूसरी ओर एक साथ चुनाव लड़ रहे बीजेपी और शिवसेना ने अलग अलग घोषणापत्र जारी किया। जहां शिवसेना ने मातोश्री पर रविवार को घोषणापत्र जारी किया तो वही दूसरी ओर बीजेपी ने मंगलवार को रंगशारदा हॉल में अपना घोषणापत्र जारी किया।  इन तीनों ही पार्टियों के घोषणापत्र में जो एक बात सबसे सामान्य रही वह है तीनों ही पार्टी के घोषणापत्र में आरे शब्द का कही भी इस्तेमाल नहीं किया गया। इसके साथ ही ऐसे कई मुद्दे है जिसे तीनों ही पार्टियों ने अपने घोषणापत्र में इस्तेमाल किया है।  

रोजगार पर जोर

सभी पार्टियों ने अपने अपने घोषणापत्र में राज्य में रोजगार को बढ़ावा देने और रोजगार पर जोर दिया है । जहां एक ओर बीजेपी ने राज्य में आनेवाले पांच साल 1 करोड़ रोजगार पैदा करने का वादा किया है तो वही दूसरी ओर कांग्रेस और एनसीपी ने बेरोजगारों को 5000 रुपये मासिक भत्ता देने की बात कही है तो वही शिवसेना ने भी राज्य में रोजगार को बढ़ावा देने की बात कही है।

कौन कौन से मुद्दे किस किस पार्टी के घोषणापत्र में

किसान- किसानों के मुद्दे पर सभी पार्टियों ने अपने अपने घोषणापत्र में अलग अलग एलान किया है। जहां कांग्रेस और एनसीपी ने किसानों की पूरी कर्जमाफी का वादा किया है तो वही शिवसेना ने किसानों की कर्जमाफी के साथ साथ10 हजार रुपये के सालाना भूगतान का भी वादा किया है। बीजेपी ने आने वाले 5 सालों में कृषि में लगने वाली बिजली को सौर ऊर्जा पर आधारित करके किसानों को दिन में 12 घंटे से अधिक बिजली पहुंचाने का वादा किया है।

रोजगार- रोजगार के मुद्दे को भी सभी पार्टियों ने अपने घोषणापत्र में शामिल किया है। कांग्रेस और एनसीपी ने राज्य में बेरोजगारों को 5000 रुपये मासिक भत्ता देने की बात कही है। इसके साथ ही कांग्रेस -एनसीपी ने घोषणापत्र में कहा है की अगर उनकी सरकार सत्ता में आती है तो राज्य में 80 फिसदी नौकरियां स्थानियों को दी जाएगी। तो वही बीजेपी ने अपने घोषणापत्र में आनेवाले पांच साल 1 करोड़ रोजगार पैदा करने का वादा किया है। हालांकी शिवसेना ने रोजगार को लेकर कोई खास वादा नहीं किया।  

स्वास्थ- जहां बीजेपी ने अपने घोषणापत्र में प्रधानमंत्री आयुष्मान योजना और महात्मा फुले जन आरोग्य योजना से कोई भी वंचित न रहे यह सुनिश्चित करने का वादा किया है। बीजेपी ने अपने घोषणापत्र में महाराष्ट्र में आनेवाले दो सालों में महाराष्ट्र को मोतियाबिंदू से भी मुक्त करने का वादा किया है। तो वही दूसरी ओर कांग्रेस और एनसीपी ने सभी के लिए आरोग्य बीमा देने का वादा किया है। शिवसेना ने  एक रुपये में स्वास्थ्य परीक्षण करने की योजना का वादा किया है।


महिला रोजगार – चुनाव में सभी पार्टियों ने महिला रोजगार पर भी काफई जोर दिया है। शिवसेना ने अपने घोषणापत्र में हर जिले में एक महिला बचत घर, कामकाजी महिलाओं के लिए सरकारी हॉस्टल महिला बचत समूहों की सहायता से प्रत्येक जिले में कैंटीन स्थापना करने जैसे वादे किये है तो वही बीजेपी ने 1 करोड़ परिवारों को महिला बचत समूह से जोड़कर  रोजगार के विशेष अवसर उपलब्ध करवाने का वादा किया है।  

शिक्षा- कांग्रेस और एनसीपी ने छात्रों मको केजी से पीजी(पोस्ट ग्रैजुएशन) तक मुफ्त शिक्षा देने का वादा और गरीब बच्चों को मुफ्त लैपटॉप का वादा किया है । तो वही शिवसेना ने ग्रामीण छात्रों के लिए विशेष बसें शुरू करने का वादा किया है। बीजेपी ने मुंबई के केंद्रीय विद्यापीठ की स्थापना, मराठावाड़ा और उत्तर महाराष्ट्र में आईआईटी, आईआईएम और एम्स केंद्र की स्थापना करने का वादा किया है।

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