क्या है मंत्रालय के केबिन नंबर 602 का राज़, आखिर क्यों कोई भी मंत्री इस केबिन में नहीं बैठना चाहता?

हमारे माननीय अंधविश्वास से इस कदर घिरे हुए हैं कि कोई भी मंत्री मंत्रालय के कामरा नंबर 602 में नहीं जाना चाहता।

क्या है मंत्रालय के केबिन नंबर 602 का राज़, आखिर क्यों कोई भी मंत्री इस केबिन में नहीं बैठना चाहता?
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साल 2014 में जब महाराष्ट्र में बीजेपी की सरकार बनी तो बीजेपी के सीनियर नेता एकनाथ खडसे को कृषि, राजस्व और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग का मंत्री बनाया गया। लेकिन अपने कार्यकाल के दो साल बाद ही खडसे एक घोटाले में फंसे, जिसके बाद उन्हें इस्तीफा देना पड़ा।

बीजेपी के कार्यकाल में यानी फडणवीस सरकार में बीजेपी नेता पांडुरंग फुंडकर कृषि मंत्री बनाया गया था, लेकिन फुंडकर की कामकाज संभालने के सिर्फ दो साल के बाद मई 2018 में हार्ट अटैक के बाद मौत हो गई।

पांडुरंग फुंडकर के बाद कृषि मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार अनिल बोंडे को दिया गया, लेकिन अनिल इस साल हुए विधानसभा चुनाव हार गए और महाराष्ट्र में बीजेपी की सरकार भी नहीं रही।

क्या आप जानते हैं इन तीनों बातों में सबसे कॉमन बात क्या रही, दरअसल ये तीनों मंत्री मंत्रालय के छठी मंजिल के कमरे नंबर 602 में बैठते थे। जो अब अशुभ साबित हो चुका है और ठाकरे की सरकार में इस कमरा नंबर 602 को कोई भी नहीं लेना चाहता है।

मंत्रालय के इस कमरा नंबर के बारे में यह बात फ़ैल चुकी है कि इस ऑफिस में बैठने वाला कोई भी मंत्री अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर सका है।

आज के जमाने में भले ही आपको यह बात सुन कर हंसी आए या फिर आप यकीन न करें लेकिन यह बात किसी से छुपी नहीं है कि हमारे माननीय अंधविश्वास से इस कदर घिरे हुए हैं कि कोई भी मंत्री मंत्रालय के कामरा नंबर 602 में नहीं जाना चाहता। 

ठाकरे सरकार में उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने भी इस ऑफिस को लेने से इनकार कर दिया है। 

सामान्य प्रशासन विभाग के एक अधिकारी का यह कहना है कि, इस कमरे को लेकर कुछ भी अफवाह नहीं है। नई सरकार के मंत्रिमंडस विस्तार के बाद अब जल्द 602 नंबर कमरे को किसी मंत्री को आवंटित कर दिया जाएगा।  

आपको बता दें कि मंत्रालय के छठवीं मंजिल पर स्थित 602 कमरा नंबर लगभग  3000 वर्ग फीट का है। इस केबिन  में एक कॉन्फ्रेंस रूम, ऑफिस स्टाफ हॉल और दो बड़े केबिन हैं।

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