मुस्लिम आरक्षण के लिए एमआयएम आक्रमक; न्यायालय का करेंगे रुख

मराठा समाज को 16 फीसदी आरक्षण मिलने के बाद अब मुस्लिम और धनगर समाज आरक्षण के मुद्दे को लेकर आक्रामक हो उठे हैं। विरोधी पक्ष एमआयएम पार्टी भी अब धनगर-मुस्लिम आरक्षण के लिए आगे आ गई है।

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मराठा समाज को 16 फीसदी आरक्षण मिलने के बाद अब मुस्लिम और धनगर समाज आरक्षण के मुद्दे को लेकर आक्रामक हो उठे हैं। विरोधी पक्ष एमआयएम पार्टी भी अब धनगर-मुस्लिम आरक्षण के लिए आगे आ गई है।

मुस्लिम समाज की तरफ भी डालें नजर

मराठा आरक्षण मिला यह बहुत अच्छी बात है, अब सरकार को मुस्लिम समाज की तरफ भी देखना चाहिए। मुस्लिम समाज को आरक्षण दिया जाए, इस तरह की मांग एमआयएम के विधायक इम्तियाज जलील ने शुक्रवार को अधिवेशन में की है। साथ ही जलील ने कहा कि वे इस मांग को लेकर न्यायालय के पास भी जाएंगे।

आरक्षण के खिलाफ याचिका

मुस्लिम समाज को 5 फीसदी आरक्षण कांग्रेस-राष्ट्रवादी की सरकार के समय दिया गया था। मराठा और मुस्लिम समाज को आरक्षण देने का निर्णय इस सरकार ने लिया था। इस आरक्षण की वजह से 73 फीसदी आरक्षण बढ़ गया है। इसके विरोध में न्यायालय में याचिका दर्ज हुई और मुस्लिम समाज को सरकारी नोकरी में पांच फीसदी आरक्षण देने के निर्णय को उच्च न्यायालय ने स्थगित कर दिया था। सिर्फ उस समय सरकारी शिक्षण संस्था द्वारा आरक्षण को न्यायालय ने हरी झंडी दिखाई थी। लेकिन अभी तक न्यायालय के निर्णय अनुसार सरकारी शिक्षा संस्था में मुस्लिमों को आरक्षण लागू नहीं किया गया।

मराठा आरक्षण का विरोध नहीं

मराठा आरक्षण के प्रश्न को साइड में रखकर अब मुस्लिम आरक्षण के सवाल पर सरकार रिपोर्ट पेश करे, इस तरह की मांग जलील ने की है। मुस्लिम समाज को आरक्षण देने की आवश्यक्ता है।

 

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