क्यो खास रहा इस बार मॉनसून अधिवेशन


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महाराष्ट्र विधानसभा का मॉनसून सेशन खत्म हो गया है। मौजूदा सरकार का ये आखिरी अधिवेशन था , इसी साल अक्टूबर में राज्य में विधानसभा चुनाव होनेवाले है। जिसे देखते हुए मॉनसून सेशन के खत्म होने के बाद ही राज्य की सभी पार्टियों ने अपनी अपनी ताकत आनेवाले विधानसभा चुनाव में लगा दी है।  इस बार का मॉनसून अधिवेशन काफी मायनों में खास था। 

क्यो खास रहा अधिवेशन 

मौजूदा सरकार का आखिरी अधिवेशन 

कई मंत्रियों की हुई छूट्टी

प्रकाश मेहता को मंत्रिमंडल से निकाला गया

कांग्रेस से बीजेपी में आए  राधाकृष्ष विखे पाटील को मिली गृहनिर्माण विभाग की जिम्मेदारी 

एनसीपी से बीजेपी में आए जयदत्त क्षीरसागर को मिला रोजगार गारंटी और फलोत्पादन 

कांग्रेस को मिला नया विधानसभा प्रतिपक्ष नेता

विजय मुद्दतीवार बने विधानसभा में कांग्रेस के नेता

नीलम गोह बनी विधान परिषद उपसभापति

चंद्रकांत पाटील को क्लीन चीट

अधिवेशन के आखिरी दिन मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस ने अपने रेविन्यू मिनिस्टर चंद्रकांत पाटील को क्लीन चीट दे दी। चंद्रकांत पाटील पर पुणे की दो जमीनों के घोटाले के आरोप पर चीफ मिनिस्टर ने कहा की उन्हें में पिछले 30-35 सालों से जानता हूं वह इस तरह के काम कभी नहीं कर सकते। उन पर लगाए गए आरोपों में कोई दम नहीं है। इसी तरह आंगनवाड़ी महिलाओं को दिए गए मोबाइल की कीमत को लेकर लगे आरोपों पर उन्होंने कहा कि मोबाइल फोन की कीमत ऑनलाइन ₹9000 है जबकि उन्हें 6100 में खरीदा गया।

बाकी मंत्रियों को भी मिली क्लीन चीट

एजुकेशन मिनिस्टर आशीष शेलार, वाटर रिसोर्स मिनिस्टर गिरीश महाजन, ट्राईबल डेवलपमेंट मिनिस्टर के परिणय फुकेएनर्जी मिनिस्टर चंद्रशेखर बवनकुले टूरिज्म मिनिस्टर जयकुमार रावल आदि मिनिस्टर्स पर लगे करप्शन चार्जेस को भी चीफ मिनिस्टर ने निराधार बताते हुए क्लीन चिट दे दी।

इस अधिवेशन में  विधानसभा में 26 विधेयक पेश किये गए और विधानसभा और विधान परिषद दोनों को मिलाकर 24 विधेयक पेश किये गए।  

विधान परिषद में  पूरे अधिवेशन में कुल 12 बैठकें हुई, 68 घंटे और मिनट कामकाज चला जबकी  12 घंटे 14 मिनट समय बर्बाद हो गया

विधानसभा में   कुल 12 बैठकें हुई , 100 घंटे 16 मिनट कामकाज चला जबकी  3 घंटे 37 मिनट काम नहीं हो पाया 

अधिवेशन में विधानसभा मे 23 विभागों के रिपोर्ट को पेश किया गया को वही  विधान परिषद में 29 विभागों की रिपोर्ट को पेश किया गया

मॉनसून अधिवेशन में क्या मिला जनता को 

सरकार ने  4.04 लाख करोड़ का बजट साल 2019-20 के लिए पेश किया

बजट में ओबीसी युवाओं के लिए 36 छात्रावासों के निर्माण के लिए 200 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं

महाराष्ट्र राज्य अन्य पिछड़ा वर्ग वित्त आयोग को 200 करोड़ रुपये आवंटित 

धनगर, जो अनुसूचित जनजाति श्रेणी में शामिल करने की मांग कर रहे हैंको 10,000 घरों का वादा किया गया था, इस वर्ष 1,000 करोड़ रुपये के आवंटन 

मराठा और विमुक्त जाति और घुमंतू जनजातियों के लिए  2,814 करोड़ रुपये 

विधवा और परित्यक्ता महिलाओं के लिए स्वरोजगार योजना के लिए 200 करोड़

बेघर, विधवा, बुजुर्ग और विकलांगों के लिए पेंशन में बढ़ोत्तरी   600 रुपये की जगह 1,000 रुपये

शिक्षा, खेल के लिए 71,206 करोड़ रुपये आवंटित 

सार्वजनिक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण के लिए 14,810 करोड़

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