Advertisement

रिटायर होने के कुछ दिन पहले ही मुंबई पुलिस कमिश्नर सवालों के घेरे में

इस कंपनी के मालिक मुंबई पुलिस कमिश्नर संजय बर्वे के बेटे और पत्नी हैं, जैसे ही यह मामला सामने आया उद्धव सरकार ने इस प्रॉजेक्ट को फिलहाल रद्द करने का फैसला लिया है।

रिटायर होने के कुछ दिन पहले ही मुंबई पुलिस कमिश्नर सवालों के घेरे में
SHARES


महाराष्ट्र की उद्धव ठाकरे सरकार ने पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का एक और फैसला पलटते हुए उस ठेका को रद्द करने का फैसला किया है जिसमें मुंबई पुलिस के ऑफिशल रेकॉर्ड्स के डिजिटलीकरण किया जाना था। इस काम का ठेका क्रिस्पक्यू इन्फर्मेशन टेक्नॉलजीस प्रा. लि. नामकी कंपनी को दिया गया था। लेकिन इस कंपनी के मालिक मुंबई पुलिस कमिश्नर संजय बर्वे के बेटे और पत्नी हैं, जैसे ही यह मामला सामने आया उद्धव सरकार ने इस प्रॉजेक्ट को फिलहाल रद्द करने का फैसला लिया है। मामला सामने आने के बाद गृह मंत्रलाय ने बर्वे को समन भेज हाजिर होने को कहा है।

सरकार का ये फैसला द इंडियन एक्सप्रेस की उस रिपोर्ट के बाद आया जिसमें लिखा था कि राज्य का गृह विभाग, तत्कालीन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के अधीन था। इस दौरान 7 अक्टूबर, 2019 को क्रिस्पक्यू इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड को ये काम सौंपा गया।

क्या था मामला?

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक क्रिस्पक्यू इन्फर्मेशन टेक्नॉलजीस प्रा. लि. कंपनी को यह ठेका 5 साल के लिए पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (जिनके पास गृह मंत्रालय भी था) के कार्यकाल में दिया गया था और संजय बर्वे उस समय भी मुंबई पुलिस कमिश्नर के पद पर थे।

इस बारे में महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने मीडिया से बातचीत में बताया, 'हम इसकी जांच कर रहे हैं, हमने और भी  जानकारी मंगाई है।'

जबकि इसी मामले में  मुख्य सचिव (गृह) संजय कुमार ने संजय बर्वे के कार्यालय से इस बारे में स्पष्टीकरण मांगा है। हालांकि इससे पहले उन्होंने कहा था कि मुझे इस बारे में जानकारी नहीं है कि कंपनी का मालिक संजय बर्वे का बेटा है।

मामले से जुड़े एक सीनियर अधिकारी ने खुलासा करते हुए बताया कि, राज्य सरकार इस प्रॉजेक्ट को कैंसल करने की तैयारी कर रही है।  

इस ठेका को लेकर कई तरह के आरोप लग रहे हैं, जैसे इस ठेका के लिए राज्य के गृह विभाग ने आखिर क्यों कोई ई-टेंडर नहीं जारी किया? और राज्य में 21 सितंबर को  आचार संहिता  लागू होने के बाद भी यह प्रॉजेक्ट कैसे अक्टूबर में दे दिया गया?

29 फरवरी को रिटायर हो रहे पुलिस कमिश्नर संजय बर्वे ने सफाई पेश करते हुए कहा, यह काम कंपनी बिना कोई पैसा लिए फ्री में कर रही है। यहां किसी तरह के आर्थिक लाभ का सवाल ही नहीं है।' जबकि यही बात उनके बेटे सुमुख बर्वे ने भी दोहराई, उन्होंने भी कहा, इस ठेका से कंपनी को किसी भी तरह का कोई फायदा नहीं हुआ है क्योंकि यह काम बिना किसी पारिश्रमिक के कर रहे थे।

वैसे आपको बता दें कि क्रिस्पक्यू कंपनी की स्थापना 10 दिसंबर 2014 को हुई थी। कंपनी में संजय बर्वे की पत्नी शर्मिला बर्वे 10 फीसदी शेयर और बेटा सुमुख बर्वे 90 फीसदी शेयर है।  

संबंधित विषय
Advertisement