मीरा-भायंदर में मराठी भाषा को लेकर शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक मोड़ ले रहा है। शिकायत सामने आई है कि मनसे कार्यकर्ताओं ने एक व्यापारी से बहस की और मराठी में ना बोलने पर उसकी पिटाई कर दी। व्यापारियों ने इस घटना के विरोध में मार्च निकाला, लेकिन मनसे ने आरोप लगाया है कि इस मार्च के पीछे भाजपा का हाथ है। (You are a businessman do business, don't try to be our father warn MNS leader Sandeep Deshpande)
भाजपा विधायक नरेंद्र मेहता पर आरोप
मनसे नेता अविनाश जाधव ने भाजपा विधायक नरेंद्र मेहता और अन्य नेताओं पर मार्च आयोजित करने का आरोप लगाया है और कहा, "यह मराठी लोगों के खिलाफ कदम है।"
इस बीच मनसे के आक्रामक नेता संदीप देशपांडे ने ट्विटर पर सीधी चेतावनी देते हुए ट्वीट किया
"आप व्यापारी हो व्यापार करो, हमारे बाप बनने की कोशिश मत करो", महाराष्ट्र में मराठी का अपमान करोगे तो कान के नीचे मार खाओंगे, बाकी मेहता-बिहता चड्डी मे रहे, अभी के लिए इतना ही,"
उनके इस ट्वीट से विवाद और बढ़ने की संभावना बन गई है।
बीजेपी विधायक नरेंद्र मेहता ने की निंदा
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए विधायक नरेंद्र मेहता ने ट्विटर पर स्पष्ट किया कि, "मराठी पर गर्व जरूर है, लेकिन मानवता की सीमा को नहीं भूलना चाहिए, यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि मीरा-भायंदर में एक जैन/मारवाड़ी व्यापारी को सिर्फ मराठी न बोलने पर पीटा गया।"
उन्होंने इस घटना को लेकर सख्त कार्रवाई की मांग की है। मेहता ने आगे कहा कि मराठी भाषा का प्रचार-प्रसार सहिष्णुता, प्रेम और समझदारी के साथ किया जाना चाहिए। किसी व्यक्ति पर उसकी भाषा के आधार पर हमला करना महाराष्ट्र की सहिष्णु परंपरा को आघात पहुंचाना है।
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