महिलाओं के लिए 'मासिका महात्सोव' का आयोजन, मासिक धर्म के प्रति जागरुकता लाने का प्रयास

महिलाओं में मासिक धर्म के प्रति जागरुकता लाने और रूढ़वादी प्रथाओं को समाप्त करने के मकसद से म्युस संस्था ने भारत के पहले मासिका महोत्सव का आयोजन किया है।

महिलाओं के लिए 'मासिका महात्सोव' का आयोजन, मासिक धर्म के प्रति जागरुकता लाने का प्रयास
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आज समाज में महिलाओं के पीरियड्स यानी मासिक धर्म को लेकर कई तरह की भ्रांतियां फैला हुई हैं। इन्हीं भ्रांतियों से लड़ने और मिटाने के लिए देश में पहले मासिका महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। यहां पर महिलाओं को जागरुक बनाने का काम किया जाएगा। मुंबई के ठाणे, उत्तराखंड, गुजरात, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश और तामिलनाडू में इस फेस्टिवल का आयोजन किया जाएगा।

3 दिनों का महोत्सव

ठाणे की म्युस संस्था के द्वारा पीरियड ऑफ शेयरिंग योजना के तहत भारतभर में मासिक धर्म के प्रति जागरुक किया जाएगा। यह महोत्सव 21 से 28 मई 2018 तक चलेगा। इस दौरान विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। ठाणे स्थित मनोरमा नगर परिसर में 23, 26 और 27 मई को इस महोत्सव का आयोन होने वाला है। इस दौरान महिलाओं के लिए फुटबॉल स्पर्धा का भी आयोजन किया जाएगा।

23 मई को कार्यक्रम
 
कार्यक्रम - सांस्कृतिक कार्यक्रम, नाटक, जनजागृती के लिए व्याखान
समय –  शाम 4.30 बजे के बाद
जगह - बौद्ध विहार, शिवसेना शाखा, मनोरमा नगर, कोलशेत रोड, ठाणे

26 मई को कार्यक्रम
कार्यक्रम - किक द टैबो – महिलाओं की फुटबॉल स्पर्धा
समय –  सुबह 9.30 के बाद
जगह - ड्रिबल्स फर्स्ट फ्लोर, विवियाना मॉल, ठाणे

27 मई को कार्यक्रम
कार्यक्रम – योगासन
समय – सुबह 6.15 बजे
जगह - उपवन तलाव, ठाणे


मासिक चक्र महिलाओं के जीवन का एक महत्त्वपूर्ण हिस्सा है। पर समाज में इसको देखने का नजरिया काफी अलग है। जो महिला पीरियड्स में हैं उसे आज भी मंदिर जाने से रोका जाता है। वह किचेन में नहीं जा सकती अचार नहीं छू सकती आदि। लोगों कि इसी रूढ़वादी सोच को बदलने के लिए हमने मासिका महोत्सव शुरू किया है। पीरियड्स आने पर महिलाओं को एक कोने मैं बैठने की जरूरत नहीं है। मासिक धर्म के समय में भी आप सभी काम कर सकती हैं। हम इस महोत्सव में स्पोर्ट्स को भी प्रमुखता देते हैं। - निशांत बंगेरा, संस्थापक


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